लेटेस्ट हिमाचल प्रदेश न्यूज़ हेडलाइंस

चिकित्सा महाविद्यालयों के लिए बनेगी सीनियर रेजिडेंटशिप पॉलिसी, एमडी-एमएस के नए विषय होंगे शुरू

Share On WhatsApp Share On Facebook Share On Twitter

प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में सीनियर रेजिडेंट पदों का युक्तिकरण किया जाएगा और स्वास्थ्य शिक्षा को मजबूत करने के लिए बड़े संरचनात्मक सुधार लागू होंगे। सरकार का लक्ष्य चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता के साथ-साथ विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाना है।

शिमला

सीनियर रेजिडेंटशिप के लिए नई पॉलिसी का फैसला

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने स्वास्थ्य शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग की उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश के सभी चिकित्सा महाविद्यालयों के लिए एक समान सीनियर रेजिडेंटशिप पॉलिसी बनाई जाएगी। इस पॉलिसी के तहत सीनियर रेजिडेंट के पदों का युक्तिकरण किया जाएगा, ताकि मेडिकल कॉलेजों में विशेषज्ञ सेवाओं की कमी को दूर किया जा सके।

हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें: Join WhatsApp Group

जीडीओ कोटा बढ़ाकर 66 प्रतिशत करने का निर्णय

मुख्यमंत्री ने बताया कि सीनियर रेजिडेंटशिप में जनरल ड्यूटी ऑफिसर (जीडीओ) का कोटा बढ़ाकर 66 प्रतिशत किया जाएगा। वर्तमान में यह अनुपात जीडीओ और सीधी भर्ती के बीच 50-50 प्रतिशत है। इस बदलाव से सेवा में कार्यरत डॉक्टरों को आगे बढ़ने का अधिक अवसर मिलेगा और अनुभव का बेहतर उपयोग हो सकेगा।

मेडिकल कॉलेजों में एमडी-एमएस के नए विषय शुरू होंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा महाविद्यालय चम्बा, नाहन, हमीरपुर और नेरचौक में नए विषयों में एमडी और एमएस की पढ़ाई शुरू की जाएगी। इससे प्रदेश में विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ेगी और स्वास्थ्य सेवाओं की आधारभूत संरचना और अधिक सुदृढ़ होगी।

सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की होगी नियुक्ति
उन्होंने कहा कि डीएम और एमसीएच जैसी सुपर स्पेशलिटी में प्रशिक्षित डॉक्टरों को चिकित्सा महाविद्यालयों में नियुक्ति प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही सभी मेडिकल कॉलेजों में अत्याधुनिक स्टेट-ऑफ-द-आर्ट आईसीयू स्थापित किए जाएंगे, जिससे गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज मिल सके।

1000 रोगी मित्रों की होगी नियुक्ति
मुख्यमंत्री ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग में 1000 रोगी मित्र नियुक्त किए जाएंगे, जिनमें से 500 मेडिकल कॉलेजों और 500 अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में तैनात होंगे। इस योजना के लिए पहले चरण में हमीरपुर जिला में पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा।

वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष व्यवस्था
उन्होंने कहा कि चमियाणा अस्पताल, चिकित्सा महाविद्यालय टांडा और आईजीएमसी शिमला में 70 वर्ष से अधिक आयु के मरीजों की सहायता के लिए रोगी मित्र पायलट आधार पर तैनात किए जाएंगे। इन संस्थानों में रोगी मित्र काउंटर भी स्थापित किए जाएंगे, जिससे बुजुर्ग मरीजों को मार्गदर्शन और सहायता मिल सके।

ओपीडी में डेटा एंट्री ऑपरेटर तैनात होंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा महाविद्यालयों की विभिन्न ओपीडी में मरीजों से संबंधित डेटा दर्ज करने के लिए डेटा एंट्री ऑपरेटर भी नियुक्त किए जाएंगे। इससे स्वास्थ्य सेवाओं का डिजिटलीकरण मजबूत होगा और मरीजों को बेहतर सुविधा मिलेगी।

स्वास्थ्य शिक्षा को अग्रणी बनाने की दिशा में सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य शिक्षा को सशक्त बनाने के लिए नवोन्मेषी उपायों के साथ-साथ दीर्घकालिक योजनाएं लागू कर रही है, ताकि हिमाचल प्रदेश स्वास्थ्य शिक्षा और सेवाओं के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो सके।

हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें

ताज़ा खबरों और अपडेट्स के लिए अभी हमारे WhatsApp ग्रुप का हिस्सा बनें!

Join WhatsApp Group

आपकी राय, हमारी शक्ति!
इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया साझा करें


[web_stories title="false" view="grid", circle_size="20", number_of_stories= "7"]