बाहरी राज्यों से भी लाई गई रेडीमेड मिठाई ,भरे गए सैंपल भी
HNN/ नाहन
वर्ष 2023 की दीपावली इस बार मिठाई विक्रेताओं के लिए खूब मिठास भरी रही। जिला सिरमौर के लगभग 300 मिठाई बनाने वाले दुकानदारों के द्वारा 1200 क्विंटल से भी अधिक अलग-अलग तरह की मिठाइयां बनाकर बेची गई। यह तो 2011 के सेंसेक्स के अनुसार जिला सिरमौर की पॉपुलेशन 5,29,000 बताई गई है।
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मगर इस समय यह जनसंख्या आठ लाख से भी ऊपर जा चुकी है। इस प्रकार कहा जा सकता है कि करीब 3 लाख से अधिक लोगों के द्वारा दिवाली के पावन पर्व पर डेढ़ लाख किलो से भी अधिक मिठाइयां खरीदी गई। यह तो बात हुई उस मिठाई की जो जिला के ही हलवाइयों के द्वारा बनाई गई थी। तो वहीं बात की जाए नाहन और पांवटा साहिब के बड़े शॉपिंग कंपलेक्स की तो वहां पर रेडीमेड ब्रांडेड मिठाइयां भी भारी मात्रा में मंगाई गई थी।

अनुमानित तौर पर करीब इन बड़े शॉपिंग मॉल से 5000 के लगभग लोगों ने डिब्बा बंद बाहरी राज्यों से मंगाई गई ब्रांडेड तथा चंडीगढ़-हरियाणा की फैक्ट्री में बनी लोकल मिठाइयां भी जमकर बिकी। हैरान कर देने वाली बात तो यह है कि अधिकतर लोग पेठा, बेसन की बर्फी और पंजरी आदि की मिठाइयां ही अपने खुद के खाने के लिए खरीदते हैं।
जबकि मावा और छेना आदि से बनी मिठाइयां लोग शुभकामनाएं देने के लिए काफी मात्रा में खरीदते हैं। वहीं सरकारी उपक्रम मिल्क फेड के द्वारा इस बार करीब 23 क्विंटल हिमाचल में ही निर्मित मिठाइयां मंगाई गई थी। चूंकि यह मिठाइयां पहाड़ी गांव के दूध से दत्तनगर में बनाई जाती है। इसीलिए गुणवत्ता के तौर पर इन मिठाइयों की भी लोगों ने खुद के खाने के लिए जमकर खरीदारी करी।
इस बार मिल्क फेड को भी काफी अच्छा मुनाफा होने की उम्मीद बताई जा रही है। मिल्क फेड जिला सिरमौर भैया दूज तक अपनी मिठाइयों को बेचने का लक्ष्य लेकर चला हुआ है। कुल मिलाकर कहा जा सकता है पूरे जिला में डेढ़ लाख क्विंटल से अधिक मीठे का सेवन जिला सिरमौर के लोगों के द्वारा किया गया है।
जिला में सबसे अधिक मिठाइयों की खपत पांवटा साहिब और काला अंब के औद्योगिक क्षेत्र में होती है। जहां पर अधिकतर उद्योगपति अपने कर्मचारियों को उपहार के साथ मिठाई का डिब्बा भी देते हैं। तो बता दे कि इन कर्मचारियों की संख्या लाखों में है। इससे भी अच्छी बात तो यह है कि इस बार जिला सिरमौर का खाद्य सुरक्षा विभाग रेंडम तौर पर डाउटफुल एरिया में लगातार मुस्तैद रहा।
स्टाफ की भारी कमी के बावजूद विभाग ने अपनी छवि और कार्यशाली को बेहतर बनाने के लिए अपने निजी नंबरों को भी बतौर हेल्पलाइन जारी किया था। यही वजह रही की इस बार अधिकतर मिठाई निर्माता और विक्रेता अच्छी और शुद्ध मिठाइयां बनाने में ज्यादा तवज्जो देते रहे। बावजूद इसके फूड सेफ्टी अधिकारी प्रियंका और उनकी टीम के द्वारा 30 के लगभग मिठाइयों के सैंपल भी भर गए।
फूड सेफ्टी अधिकारी के द्वारा मिस ब्रांड रंगों से तैयार की गई मिठाइयां भी फिकवाई गई। विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार करीब 25 किलो के लगभग रंगों की टेंपरिंग से बनाई गई मिठाइयां फेंकवाई भी गई है।
उधर, जिला सिरमौर फूड सेफ्टी ऑफिसर प्रियंका ने बताया कि जिला में 300 के लगभग मिठाइयों की दुकान दीपावली पर लगी थी। उन्होंने बताया कि इस बार दीपावली त्योहार सीजन पर लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के मध्य नजर अलग-अलग जगह मिठाइयों के 30 सैंपल लिए गए। फूड अधिकारियों ने बताया कि न केवल लोग बल्कि अब दुकानदार भी काफी जागरूक हो चुके हैं। यही वजह है कि अब अधिकतर मिठाई विक्रेता गुणवत्ता पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं।
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