पंचकर्म और नेचर ट्रीटमेंट बनेगा प्रदेश के युवाओं का मुख्य रोजगार का जरिया
HNN/ नाहन
हिमाचल प्रदेश सरकार का आयुष विभाग बहुत जल्द स्वास्थ्य पर्यटन को रोजगार का एक बड़ा जरिया बनाने जा रहा है। अब यदि प्रदेश का बेरोजगार युवा नेचरोपैथी में पंचकर्म और मसाज को अपने व्यवसाय का जरिया बनाना चाहता है तो आयुष विभाग उनका हर सहयोग करेगा।
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यह जानकारी आज सर्किट हाउस में उद्योग एवं आयुष मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने अनौपचारिक बातचीत के दौरान कही। हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि होमस्टे योजना तथा होटल व्यवसाय के साथ पंचकर्म, नेचरोपैथी और हर्बल मसाज को जोड़ने से ना केवल पर्यटन को पंख लगेंगे बल्कि ऑफ सीजन में भी देश और विदेश का पर्यटक प्राकृतिक उपचार के लिए यहां बना रहेगा।
हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि इसके लिए आयुष विभाग हर संभव सहायता भी उपलब्ध कराएगा। यही नहीं हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि 2007 के बाद विभाग की ओर से किसी को भी केरला में पंचकर्म और मसाज की ट्रेनिंग के लिए नहीं भेजा गया था।
उन्होंने कहा कि अब बहुत जल्द ही 36 मसाज एक्सपर्ट को विभाग में रिक्रूट किया जाएगा। साथ ही विभाग के स्वास्थ्य कर्मियों को विशेष ट्रेनिंग के लिए केरला भी भेजा जाएगा। इसके साथ साथ हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि यदि कोई आयुष विभाग के अस्पतालों में पंचकर्म आ अथवा आयुर्वेदिक हर्बल मसाज सेंटर खोलना चाहेगा तो उसे लीज पर अलॉटमेंट भी दी जाएगी।
हर्षवर्धन चौहान का कहना है कि आयुष विभाग का अब यह लक्ष्य रहेगा कि लोगों को अस्थाई नहीं बल्कि स्थाई रूप से जटिल से जटिल रोगों में उपचार मिले। वहीं मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि सरकार आयुष विभाग का स्ट्रैंथन भी करने जा रही है जिसके तहत खाली पड़े पदों को भी भरने के लिए कवायद शुरू कर दी गई है।
उन्होंने कहा कि खाली पड़े 135 डॉक्टरों के पद 55 पोस्टर फार्मासिस्ट तथा 36 मसाज एक्सपर्ट्स की पब्लिक सर्विस कमीशन की मार्फत रिक्रूटमेंट की जाएगी। उन्होंने कहा कि आयुष विभाग की प्रदेश में स्थित इनफॉर्मेसियों का भी आधुनिकीकरण किया जाएगा।
जिससे इन फार्मेसी में होने वाले प्रोडक्शन को दुगना कर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं व्यवस्था में लाई जाएंगी। उन्होंने बताया कि माजरा जोगिंदर नगर और बैजनाथ के पपरोला में स्थित फार्मेसी के लिए योजना भी तैयार कर ली गई है। जिसमें जोगिंदर नगर फार्मेसी में नई मशीनरी लगा दी गई है।
बड़ी बात तो यह है कि नई मशीनरी लगाए जाने के बाद इस फार्मेसी का प्रोडक्शन बीते वर्ष की तुलना में दोगुना हुआ है। हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि अभी तो सरकार का गठन हुए केवल 5 महीने ही हुए हैं बावजूद इसके सरकार के द्वारा इसका वर्क प्लान भी बना लिया गया है।
उन्होंने कहा कि पंचकर्म को लेकर हिमाचल का क्लाइमेट परफेक्ट माना गया है। यही नहीं प्रदेश के आयुर्वेदिक संस्थानों में करीब 48,000 लोगों ने 1 वर्ष में पंचकर्म थेरेपी करवाई है। प्रदेश में पंचकर्म और नेचरोपैथी की अपार संभावनाओं को देखते हुए सरकार अब इस को पर्यटन के साथ जोड़ने का प्लान बना रही है।
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