शिवा के तहत कुटलैहड़ के 223 हेक्टेयर क्षेत्र में रोपे जाएंगे फलदार पौधेः वीरेंद्र कंवर

BySAPNA THAKUR

Mar 2, 2022
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HNN/ ऊना वीरेंद्र बन्याल

एचपी शिवा परियोजना के तहत इस वर्ष कुटलैहड़ विस क्षेत्र में 223 हेक्टेयर भूमि पर पौधारोपण करने का लक्ष्य रखा गया है, जिस पर 500 करोड़ रुपए से अधिक की धनराशि खर्च की जाएगी। यह बात ग्रामीण विकास, पंचायती राज, कृषि, मत्स्य तथा पशु पालन मंत्री वीरेंद्र कंवर ने बल्ह खोलियां में आयोजित बागवानी विभाग की एक कार्यशाला के दौरान कही। वीरेंद्र कंवर ने कहा कि शिवा परियोजना के लिए नए कलस्टरों की पहचान की जा रही है तथा फलदार पौधों के बागीचों को सिंचने के लिए पानी का प्रबंध भी किया जा रहा है।

बागवानों को सिंचाई सुविधा प्रदान करने के लिए अनेक स्थानों पर चैकडैम बनाए जा रहे हैं। जहां-जहां आईपीएच विभाग की सिंचाई स्कीमें हैं, उनका भी इस प्रोजेक्ट के तहत इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि किसानों को परियोजना का भरपूर लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि बागवानों को बाजार उपलब्ध करवाने में भी इस परियोजना के तहत मदद की जाएगी तथा किसानों की आय को दोगुना करने की दिशा में यह परियोजना काफी मददगार सिद्ध होगी।

ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री ने कहा कि कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के तहत समूर में लगभग 15 करोड़ रुपए की लागत से चैक डैम बनाया गया है, जिससे किसानों की 5000 कनाल भूमि सिंचित होगी। इसके अतिरिक्त चपलाह में भी एक बड़े चैक डैम का निर्माण किया जा रहा है तथा इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन से आने वाले समय में कुटलैहड़ क्षेत्र बागवानी और कृषि के क्षेत्र में अपनी नई पहचान बनाएगा।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार कुटलैहड़ विस क्षेत्र को बागवानी तथा कृषि के क्षेत्र में आगे लेकर जाने के लिए प्रयास कर रही है। वीरेंद्र कंवर ने कहा कि एचपी शिवा परियोजना का उद्देश्य फलदार पौधों की आधुनिक तकनीक तथा वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देना है, जिससे किसानों को कम जमीन में भी भरपूर लाभ मिले और उनकी आर्थिकी सुदृढ़ बन सके। उन्होंने कहा कि जंगली जानवरों तथा बंदरों की समस्या के चलते खेती-बाड़ी छोड़ चुके किसानों को दोबारा बागवानी से जोड़ने में भी शिवा परियोजना मददगार सिद्ध होगी।

राज्य में खर्च हो रहे 1688 करोड़
कृषि मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि एशियन विकास बैंक की मदद से हिमाचल प्रदेश में शिवा परियोजना के प्रथम चरण में 1688 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं, जिससे किसानों को फैंसिंग से लेकर पौधे लगाने को गड्ढे करने, खाद, पौधे उपलब्ध करवाने तथा ड्रिप सिंचाई सुविधा प्रदान करने के लिए शत-प्रतिशत अनुदान सरकार की ओर से प्रदान किया जाता है।

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