भज्जीनाला सिंचाई योजना से ट्रहाई गांव की भूमि उगलेगी सोना

BySAPNA THAKUR

Feb 15, 2022

HNN/ शिमला

मशोबरा ब्लाॅक के ट्रहाई गांव के लिए निर्मित की जा रही भज्जीनाला-ट्रहाई सिंचाई योजना का निर्माण कार्य अंतिम चरण पर है। इस योजना के बन जाने से ट्रहाई गांव की करीब 19 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। इस योजना का कार्य देख रहे कनिष्ठ अभियंता जेएसवी कोटी राजकुमार शर्मा ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा ट्रहाई गांव को सिंचाई सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए अनुसूचित जाति उप योजना के तहत 40 लाख की राशि स्वीकृत की गई है।

हालांकि, इस गांव में अनुसूचित जाति के लोगों की कुल आबादी करीब दस प्रतिशत है। इस वर्ग के कुछ लोग ही इस योजना का लाभ उठा पाएंगें। बताया कि इस प्रवाह सिंचाई योजना के तहत करीब पांच किलोमीटर लंबी पाईपों को बिछाने का कार्य युद्धस्तर पर है। जिससे ट्रहाई के अलावा शापड़, खील की सेर सहित सैंकड़ों बीघा भूमि सोना उगलेगी। बता दें कि ट्रहाई गांव में किसानों द्वारा भू-संरक्षण विभाग के सौजन्य से गिरी नदी से 28 निजी लिफ्टें लगाई है।

राजकुमार ने बताया कि सिंचाई योजना का पानी किसानों के खेतों तक पहुंचाने के लिए योजना के तहत सरकार द्वारा 30 लाख की राशि स्वीकृत की गई है जिसके तहत पौने दो लाख लीटर क्षमता का ट्रहाई में स्टोरेज टैंक निर्मित किया जाएगा ताकि भज्जी नाला से आने वाले पानी को स्टोर किया जा सके। इसके अतिरिक्त किसानों के खेतों तक चैनल बनाए जाएंगे और विभिन्न बिंदुओं पर पानी के वितरण के लिए छोटे-छोटे टैंक निर्मित किए जाएंगे, जिससे किसानों को सिंचाई के लिए आसानी से पानी मिल सके।

प्रीतम ठाकुर ने बताया कि करीब 40 वर्ष पूर्व आईपीएच विभाग द्वारा भज्जीनाला से ट्रहाई गांव के लिए कूहल बनाई गई थी परंतु पिछले करीब दस वर्षों से यह योजना जीर्णशीर्ण अवस्था में हो गई थी जिस कारण विशेषकर गरीब किसान नगदी फसलों के उत्पादन करने से महरूम हो गए थे।

बताया कि सिरमौर के प्रवास के दौरान जेएसवी मंत्री महेन्द्र ठाकुर से इस बारे शरगांव में भेंट की गई थी जिनके द्वारा अनुसूचित जाति उप योजना के तहत 40 लाख की राशि उपायुक्त शिमला के माध्यम से भज्जीनाला- ट्रहाई सिंचाई योजना के लिए स्वीकृत करवाई गई थी। उन्होने बताया कि भज्जीनाला में करीब दस इंच पानी हर समय उपलब्ध है जिससे किसानों को प्रचुर मात्रा में सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होगा और अब किसान वर्षा पर निर्भर नहीं रहेंगे।

The short URL is: