हिमाचल प्रदेश में नशा तस्करी के खिलाफ चल रहे चिट्टा-मुक्त हिमाचल अभियान को और मजबूत करते हुए पुलिस ने राज्य स्तर पर बड़ा और सुनियोजित कदम उठाया है। कूरियर सेवाओं के जरिए नशीले पदार्थों की आपूर्ति रोकने के उद्देश्य से एक साथ पूरे प्रदेश में व्यापक जांच अभियान चलाया गया।
हिमाचल पुलिस का राज्यव्यापी विशेष अभियान
हिमाचल प्रदेश पुलिस ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू द्वारा शुरू किए गए एंटी-चिट्टा जन आंदोलन के तहत यह विशेष अभियान चलाया। अभियान का मकसद कूरियर माध्यम से नशे की तस्करी की किसी भी संभावित कड़ी को समय रहते चिन्हित कर तोड़ना रहा।
433 कूरियर केंद्रों की एक साथ जांच
इस राज्य स्तरीय कार्रवाई के दौरान कुल 433 कूरियर सेवा केंद्रों की जांच की गई। इनमें सोलन, किन्नौर, सिरमौर, बद्दी, मंडी, कुल्लू, लाहौल-स्पीति, हमीरपुर, बिलासपुर, कांगड़ा, नूरपुर, देहरा, चंबा और ऊना सहित सभी जिलों के कूरियर वेयरहाउस और गोदाम शामिल रहे।
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पार्सल से लेकर डिलीवरी तक हर प्रक्रिया की जांच
जांच के दौरान पार्सल बुकिंग, भंडारण, परिवहन और अंतिम डिलीवरी तक पूरी कार्यप्रणाली को बारीकी से परखा गया। कूरियर केंद्रों में सीसीटीवी कैमरों की स्थिति, कर्मचारियों की पहचान, रिकॉर्ड संधारण और मानक संचालन प्रक्रियाओं के पालन की विशेष रूप से समीक्षा की गई। संदिग्ध पार्सलों की गहन जांच की गई और कर्मचारियों को एनडीपीएस एक्ट सहित संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई।
कमियां मिलने पर सख्त निर्देश
जहां भी प्रक्रियागत कमियां सामने आईं, वहां संबंधित कूरियर सेवा प्रदाताओं को तय समय सीमा में सुधार करने के निर्देश दिए गए। पुलिस ने कूरियर कंपनियों को नशा तस्करी से जुड़े संभावित खतरों के प्रति सतर्क करते हुए भविष्य में किसी भी तरह की लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए।
नशा तस्करी पर प्रहार की दिशा में अहम कदम
पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि यह विशेष अभियान कूरियर माध्यम से होने वाली नशा तस्करी को रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे प्रदेश में कानून व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा को और मजबूती मिलेगी।
जनता से सहयोग की अपील
हिमाचल प्रदेश पुलिस ने प्रदेशवासियों, विशेषकर युवाओं से इस अभियान में सहयोग की अपील की है। यदि किसी को चिट्टा या नशीले पदार्थों से जुड़ी किसी भी गतिविधि की जानकारी मिलती है, तो तुरंत 112 पर कॉल करने या नजदीकी पुलिस थाना से संपर्क करने का आग्रह किया गया है। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
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