उठाऊ पेयजल योजना बंद होने तथा बारिश थमने से बूंद -बूंद को तरसे श्रद्धालु
HNN/ संगड़ाह
प्रमुख आस्था स्थल चूड़धार में पिछले एक साल से उठाऊ पेेेयजल योजना बंद होने तथा बारिश का दौर थमने से सैंकड़ों श्रद्धालु बूंद-बूंद के लिए मोहताज हो गए हैं। आलम यह है कि, बिन पानी यहां मौजूद सभी दो दर्जन सार्वजनिक शौचालयों पर ताले लग गए हैं तथा विभाग व प्रशासन की अनदेखी से लोग खुले मे शौच करने पर मजबूर है। नवरात्रों के चलते इन दिनों हिमाचल के अलावा बाहरी राज्यों से हर रोज यहां श्रदालु चूड़धार पहुंच रहे है।
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पानी की किल्लत होने से विशेषकर महिलाओं को खुले मे शौच करने मे भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है और हाथ धोने तथा खाना खाने के लिए भी कईं साधन नही मिल रहा है। घंटों की पैदल यात्रा के चलते लोग अपने साथ भी ज्यादा पानी ले जाने की हिम्मत नही जुटा पा रहे हैं। मंदिर के पुजारियों व सेवा समिति सदस्यों द्वारा गत सप्ताह तक बरसात में पानी इकट्ठा किया जा रहा था, जो अब खत्म हो गया है।
यहां बने स्टोर टैंकों मे भी लीकेज के चलते पानी नही टिक पा रहा है। मंदिर के पुजारी भगतराम, सत्यपाल व केवलराम, आश्रम के संचालक स्वामी कमलानन्द व चूड़ेश्वर सेवा समिति के प्रबंधक बाबूराम शर्मा आदि ने बताया कि, चूड़धार खड्ड से बनी लिफ्ट एक वर्ष से बंद है और इस बारे में विभाग को कई बार अवगत करवाया जा चुका है। मंदिर कमेटी अथवा एसडीएम चौपाल के माध्यम से भी पानी की राशनिंग शुरू होना शेष है।
जलशक्ति विभाग के सहायक अभियंता कुपवी दिनेश सकलानी ने कहा कि, पहले बिजली विभाग का ट्रांसफर जल गया था और उसके बाद लिफ्ट योजना की मोटर खराब हुई थी। योजना के दोनो पंप ठीक करवाए जा चुके हैं और जल्द लिफ्ट चालू हो जाएगी। चूड़धार स्थित टैंक भारी बर्फबारी से बार-बार खराब हो रहे है अब इनमे नई तकनीक से जिंक एल्युमिनियम प्लेट डाली जाएगी। इस काम के टेंडर हो चुके हैं।
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