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Himachal Monsoon Damage / चार जिलों में रेड-ऑरेंज अलर्ट, करसोग के नजदीक बादल फटने से भारी तबाही

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Himachal Monsoon Damage : चार जिलों—कांगड़ा, सोलन, सिरमौर और मंडी—मोनसून की पहली तीव्र बारिश के चलते रेड और ऑरेंज अलर्ट पर हैं। करसोग के पास बादल फटने से तीन गांवों में भारी नुकसान हुआ है और प्रशासन राहत कार्य में जुटा है।

शिमला

त्रासदीग्रस्त इलाके में पहुंची प्रशासनिक टीम, नुकसान का आकलन जारी

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बादल फटने से घर बहा, कई पशुधन और वाहन प्रभावित
सोमवार को रात करीब 2 बजे रामपुर उपमंडल में सरपारा पंचायत के सिकासेरी गटूला में बादल फटने से अचानक मलबा बरसा। राजेंद्र कुमार का किचन, कमरा और दो कुटारे बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। विनोद कुमार व गोपाल सिंह के खूड और गायें भी बह गईं। प्रशासन ने राजस्व टीम को घटनास्थल भेजकर नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है।

स्कूल व क्लासें सतर्कता के चलते बंद, आगामी आदेश तक स्थगित
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की रेड अलर्ट के मद्देनजर मुख्यमंत्री ने इन जिलों के उपायुक्तों को स्कूल व आंगनबाड़ी बंद रखने के निर्देश दिए हैं। मनाली और बंजार उपमंडल में भी शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे। सिरमौर व कांगड़ा में सभी शैक्षणिक संस्थान आज बंद रहेंगे। प्रदेश में 5 जुलाई तक यलो अलर्ट जारी रखा गया है।

राज्यव्यापी बारिश ने बुनियादी ढांचे को किया प्रभावित
गुरुवार रात की बारिश से 3 नेशनल हाईवे और 129 सड़कें बंद हो चुकी हैं। कांगड़ा, शिमला और कुल्लू हवाई उड़ानों का संचालन प्रभावित हुआ। 612 ट्रांसफॉर्मर और 6 पेयजल योजनाएं ठप हो गई हैं। मलबा व पत्थर गिरने से कालका–शिमला हेरिटेज रेलवे को रोकना पड़ा और चार ट्रेनों रद्द हुईं। सिरमौर की चिलोन में 5 घंटे NH बंद रहा। नाहन-कुमारहट्टी व चक्कीमोड़ में भी यातायात बाधित हुआ।

शिमला में देर रात खाली करवाया गया घर सुबह ढहा, खुदाई ने बढ़ाया खतरा

भट्टाकुफर इलाके में सोमवार सुबह एक बड़ा हादसा उस वक्त हुआ, जब एक पांच मंजिला मकान अचानक भरभराकर गिर गया। बताया गया कि मकान के आसपास फोरलेन के तहत चल रही खुदाई से इसकी नींव कमजोर हो गई थी। रविवार रात हालात को भांपते हुए घर में रह रहे परिवार को बाहर निकाल लिया गया था। मकान एक रिटायर्ड सहायक अभियंता का था, जिनकी कुछ समय पहले मृत्यु हो चुकी है। अब यहां उनकी पत्नी और परिवार रह रहा था। सोमवार सुबह अचानक यह भवन तेज आवाज के साथ ढह गया। आसपास के एक अन्य मकान में भी दरारें आ गई हैं। स्थानीय लोग लगातार कह रहे हैं कि गलत तरीके से की गई खुदाई से पूरे इलाके में खतरा बढ़ गया है। हादसे के बाद प्रशासन, पुलिस और निर्माण एजेंसी की टीम मौके पर पहुंच चुकी है। शिमला के आसपास अनेक भवनों जैसे न्यू शिमला बिजली बोर्ड कार्यालय, चमननगर व भट्टाकुफर में दरारें पाईं गईं। कई मकानों की नींव डंगे गिरने से क्षतिग्रस्त हो गई।

राजधानी में पेयजल संकट गहरा गया
गुम्मा पेयजल परियोजना में गाद जमने से सप्लाई बाधित हो गई है। गिरि, चूरट व कोटी बरांडी परियोजनाओं से पानी की आपूर्ति आधी हो गई है। कई इलाकों में तीसरे दिन भी पानी नहीं आया है। शहर के जलाशयों में पानी की स्थिति गंभीर है।

मंडी में मानसून ने सड़कबाधाओं की बाढ़ ला दी
जंजैहली उपमंडल में 14 सड़कें और राष्ट्रीय मार्गों पर 55 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। मंडी–चैल–जंजैहली अपने सबसे ज्यादा प्रभावित रहे। PWD ने तत्काल राहत कार्य शुरू कर जेसीबी तैनात की हैं ताकि यातायात जल्द बहाल हो सके।

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