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6000 करोड़ के घोटाले वाली इंडियन टेक्नोमैक की कल होगी नीलामी

PRIYANKA THAKUR | 27 दिसंबर 2021 at 5:21 pm

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308 करोड़ से अधिक की बोली वाले की होगी टेक्नोमैक

HNN / पांवटा साहिब

पांवटा साहिब के जगतपुर मिश्र वाला स्थित मैसेज इंडियन टेक्नोमैक कंपनी लिमिटेड की मंगलवार 28 दिसंबर को माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों के बाद नीलामी के आदेश जारी किए गए हैं। प्रदेश सरकार को 2100 तथा अलग-अलग बैंकों को 16 सौ करोड़ से अधिक का चूना लगाने वाली कंपनी की नीलामी बोली तथा टेंडर से डाली जानी सुनिश्चित की गई है। नीलामी के लिए फैक्ट्री परिसर में 11:00 बजे सुबह का समय रखा गया है।

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ज्वाइंट कमिश्नर एक्साइज एंड टैक्सेशन विभाग जीडी ठाकुर तथा ऑक्शन कमेटी की देखरेख में करीब 15 बैंकों के अधिकारी भी इसमें हिस्सा लेंगे। बोली के लिए 308.8 करोड रुपए की रिजर्व प्राइस रखी गई है। बताना जरूरी है कि इंडियन टेक्नोमैक 2009 में 265 बीघा के 189 बीघा में स्थापित की गई थी। जिसके बाद प्रदेश के आबकारी एवं कराधान विभाग को करोड़ों रुपए के कर चोरी मामले के संज्ञान में आने के बाद 2014 में इसका संचालन बंद कर दिया गया था। मामला माननीय उच्च न्यायालय के संज्ञान में लाया गया था।

जिसके बाद माननीय उच्च न्यायालय के द्वारा बकाया देनदारियों के भुगतान के लिए इसकी संपत्तियों को बेचने की अनुमति दी गई। माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुसार कंपनी की संपत्ति नीलामी सह निविदा प्रक्रिया के माध्यम से बेची जाएगी। अब यदि इस इकाई को समग्र रूप से खरीदने के लिए यदि कोई बोली दाता नहीं चुना जाता है तो कंपनी को लाट के रूप में अथवा लाट की वस्तुओं को पूर्व निर्धारित आरक्षित मूल्य पर बेचा जाएगा। प्राप्त जानकारी के अनुसार कंपनी की 265 बीघा भूमि है जिसमें 189 बीघा में फैक्ट्री लगी हुई है।

बड़ी बात तो यह कि प्रदेश सरकार ने 16 अगस्त 2019 को प्रोत्साहन नीति के तहत इस फैक्ट्री को चलाने के लिए निवेश करने का भी मौका दिया था। फैक्ट्री में विशेष मिश्रित धातु फेरो टाइटेनियम फेरोमैंगनीज फेरो वैनेडियम फेरो सिलीकान फेरोक्रोम आदि धातु बनाने की मशीनरी या चालू हालत में है। यही नहीं इस कंपनी का 132 केवी का पावर सबस्टेशन और उसके साथ-साथ एक स्टैंडबाई डिजी पावर सेट भी है। यहां यह भी बताना जरूरी है कि इस कारखाने में हवाई जहाज आदि के कलपुर्जे तैयार किए जाते थे। फैक्ट्री में स्थानीय स्तर पर करीब 25 सौ से अधिक लोगों को रोजगार भी मिला हुआ था।

2014 में फैक्ट्री के बंद होने के बाद से आज तक मुख्य आरोपी अभी भी फरार है। इतने बड़े घोटाले के बावजूद विभाग के किन अधिकारियों की इस में संलिप्तता रही होगी इसको लेकर अभी तक जांच ठंडे बस्ते में है जबकि इंडियन टेक्नो मेक घोटाले को लेकर प्रदेश के सीआईडी सहित ईडी ने भी इसमें जांच की है। बरहाल जानकारी तो यह भी है कि अभी तक इतनी बड़ी बोली के लिए किसी ने भी आवेदन नहीं दिया है।

बावजूद इसके माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों के बाद नीलामी प्रक्रिया अपनाई जा रही है। उधर ज्वाइंट कमिश्नर एक्साइज एंड टैक्सेशन विभाग जीडी ठाकुर का कहना है कि फैक्ट्री की मंगलवार को बोली अथवा टेंडर के माध्यम से नीलामी की जानी है।

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