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हिमाचल के सरकारी स्कूलों में अब गाइड-हेल्पबुक से पढ़ाई पर पूरी तरह रोक, उल्लंघन पर होगी कार्रवाई

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 17 Dec 2025 • 1 Min Read

हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षण पद्धति को एकरूप और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने सख्त निर्णय लिया है। अब कक्षा शिक्षण के दौरान गाइड, हेल्पबुक या किसी भी अनधिकृत पुस्तक का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा और नियम तोड़ने वाले शिक्षकों पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

शिमला

कक्षा में केवल एनसीईआरटी पुस्तकें ही मान्य
स्कूल शिक्षा निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि कक्षा शिक्षण के लिए केवल एनसीईआरटी की निर्धारित पाठ्य पुस्तकों का ही उपयोग किया जाएगा। विभाग के अनुसार कुछ स्कूलों में शिक्षकों द्वारा गाइड और हेल्पबुक से पढ़ाने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं, जिससे विद्यार्थियों की सोचने-समझने की क्षमता प्रभावित हो रही थी।

प्रधानाचार्य और मुख्याध्यापक होंगे जिम्मेदार
निदेशालय द्वारा जारी निर्देशों में स्कूल स्तर पर निगरानी की जिम्मेदारी प्रधानाचार्यों और मुख्याध्यापकों को सौंपी गई है। यदि कोई शिक्षक कक्षा में हेल्पबुक या गाइड से पढ़ाते हुए पाया जाता है, तो संबंधित स्कूल प्रमुख को उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी।

औचक निरीक्षण के निर्देश
शिक्षा विभाग ने सभी जिलों के उपनिदेशकों को निर्देश दिए हैं कि वे स्कूलों का औचक निरीक्षण करें। यदि निरीक्षण के दौरान निर्देशों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।

बच्चों की मौलिक सोच पर पड़ रहा था असर
विभाग का मानना है कि हेल्पबुक बच्चों को तैयार उत्तर उपलब्ध कराती हैं, जिससे उनमें प्रश्न पूछने, तर्क करने और विश्लेषण करने की क्षमता विकसित नहीं हो पाती। शिक्षा का उद्देश्य केवल उत्तर रटाना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में समझ और जिज्ञासा पैदा करना है।

पहले भी जारी हो चुके हैं निर्देश
शिक्षा निदेशक आशीष कोहली ने बताया कि इस विषय पर पहले भी निर्देश जारी किए जा चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद कुछ स्कूलों में अनियमितताएं सामने आती रही हैं। बार-बार चेतावनी के बावजूद नियमों की अनदेखी को गंभीरता से लिया गया है।

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर रहेगा फोकस
निदेशालय ने कहा कि अनधिकृत पुस्तकों का प्रयोग शिक्षण नवाचार को सीमित करता है और पाठ्यक्रम की एकरूपता को प्रभावित करता है। इसलिए अब पूरे प्रदेश में कक्षा शिक्षण के दौरान केवल मान्य एनसीईआरटी पुस्तकों के माध्यम से ही पढ़ाई सुनिश्चित की जाएगी।