आगामी शहरी निकाय चुनावों में ओबीसी आरक्षण लागू करने का बड़ा ऐलान
हिमाचल नाऊ न्यूज़ शिमला:
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में गुरुवार को शिमला में हुई हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक ने कई अभूतपूर्व निर्णय लिए, जिन्होंने प्रदेश के सामाजिक, आर्थिक और प्रशासनिक ताने-बाने को नया स्वरूप देने की नींव रखी है।
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इनमें आगामी शहरी निकाय चुनावों में ओबीसी आरक्षण लागू करने का बड़ा ऐलान प्रमुख रहा, वहीं राज्य में लॉटरी संचालन को हरी झंडी मिलने से सरकारी खजाने को नई मजबूती मिलेगी। ये फैसले हिमाचल के हर वर्ग को छूते हुए विकास की नई इबारत लिखेंगे।
सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण की पहलमंत्रिमंडल का सबसे दूरगामी फैसला शहरी निकाय चुनावों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षण लागू करना है। इस निर्णय को जमीन पर उतारने के लिए, आरक्षण रोस्टर को अंतिम रूप देने से पहले, पिछड़ा वर्ग की आबादी का सटीक डेटा जुटाने हेतु एक आयोग के गठन को मंजूरी दी गई है।
यह कदम सुनिश्चित करेगा कि हाशिए पर खड़े समाज के इस वर्ग को उनका वाजिब हक मिले और वे भी निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा बन सकें।इसके साथ ही, समाज के सबसे कमजोर वर्ग, अनाथ बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए एक संवेदनशील पहल की गई है।
आईटीआई, पॉलिटेक्निक्स, इंजीनियरिंग और फार्मेसी कॉलेजों सहित सभी सरकारी, सरकार द्वारा वित्त पोषित और निजी तकनीकी संस्थानों में प्रत्येक पाठ्यक्रम में एक सीट अनाथ बच्चों के लिए आरक्षित होगी।
यह निर्णय इन बच्चों को शिक्षा और आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ने का सुनहरा अवसर प्रदान करेगा।रोजगार के नए अवसर और आपदा राहतयुवाओं के लिए भी कैबिनेट ने बड़ी राहत दी है। हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग द्वारा आयोजित टीजीटी और जेबीटी पदों की परीक्षा में भाग लेने वाले अभ्यर्थियों को ऊपरी आयु सीमा में दो वर्ष की एकमुश्त छूट प्रदान की गई है।
यह उन हजारों युवाओं के लिए बड़ी खबर है, जो आयु सीमा के कारण अवसर गंवा रहे थे।राज्य के दूर-दराज और जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए 290 अतिरिक्त आशा कार्यकर्ताओं की नियुक्ति को भी मंजूरी मिली है।
इसके अलावा, सरकारी तंत्र को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से हिमाचल प्रदेश सचिवालय में विधि अधिकारी (अंग्रेजी) के पांच और विधि अधिकारी (हिन्दी) के दो पद भरे जाएंगे। भरमौर, पांगी और स्पिति में एकीकृत जनजातीय विकास परियोजना के कार्यालयों में अनुसंधान अधिकारी के तीन नए पद भी सृजित किए गए हैं।
हाल ही में मानसून से हुई तबाही के मद्देनजर, मंत्रिमंडल ने आपदा प्रभावित परिवारों को किराए के रूप में वित्तीय सहायता प्रदान करने का भी मानवीय फैसला लिया है। ग्रामीण क्षेत्रों में $5,000 और शहरी क्षेत्रों में $10,000 प्रति माह की दर से प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से अधिकतम छह माह तक यह सहायता दी जाएगी, जिससे बेघर हुए परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी।
राजस्व और सुशासन की ओर बढ़ते कदमराज्य के खजाने को मजबूत करने के लिए कैबिनेट ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। सबसे उल्लेखनीय है राज्य में लॉटरी संचालन शुरू करने की स्वीकृति, जिससे राज्य को अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा।अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए भी सख्त कदम उठाए गए हैं।
विनिर्माण इकाइयों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु प्रत्येक डिस्टिलरी, बॉटलिंग और ब्रुअरी संयंत्रों में दो होमगार्ड तैनात किए जाएंगे, साथ ही एक राज्य कर एवं आबकारी अधिकारी भी नियुक्त होगा, जिसका नियमित रोटेशन किया जाएगा।खनन क्षेत्र में राजस्व वृद्धि और अवैध खनन पर लगाम लगाने के लिए, जिला कांगड़ा में दस लघु खनिज खदानों की नीलामी और जिला बिलासपुर में ग्यारह खदानों की पुनर्निलामी को मंजूरी दी गई है।
इससे राज्य को $18.82 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व मिलेगा और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
अन्य महत्वपूर्ण निर्णय: * पर्यटन को बढ़ावा:
$50 करोड़ रुपये से अधिक की निवेश परियोजनाओं पर विचार करने के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में पर्यटन निवेश प्रोत्साहन परिषद की स्थापना को मंजूरी। यह पर्यटन क्षेत्र में बड़े निवेश को आकर्षित करेगा।
* सुलभ परिवहन:
हिमाचल सड़क परिवहन निगम (एचआरटीसी) को पात्र लाभार्थियों को ‘हिम बस कार्ड’ जारी करने की अनुमति, जिससे निःशुल्क या रियायती यात्रा सुविधाओं को सुव्यवस्थित किया जा सके।
* लंबित मामलों का निपटारा:
‘हिमाचल प्रदेश सद्भावना विरासत मामलों के निपटान की योजना-2025’ का दूसरा चरण 1 सितंबर, 2025 से शुरू होगा और तीन महीने तक चलेगा। इसका लक्ष्य लगभग 30,000 लंबित मामलों का निपटारा करना है, जिसमें वित्त वर्ष 2020-21 तक के पेट्रोलियम उत्पादों पर राज्य मूल्य वर्धित कर (वैट) से संबंधित मामले भी शामिल होंगे।
* पुराने वाहनों को पंजीकरण की छूट:
नियमित अपंजीकृत निर्माण उपकरण वाहनों को पंजीकृत करने के लिए वन टाइम लेगेसी पॉलिसी को मंजूरी दी गई है। इससे अनुमानित 2795 वाहन मालिकों को लाभ मिलेगा, जो एकमुश्त टैक्स और जुर्माने की 50 प्रतिशत राशि जमा कर सकेंगे। यह नीति अधिसूचना की तिथि से तीन माह तक लागू रहेगी।
* खाली सरकारी भवनों का उपयोग:
तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी की अध्यक्षता में गठित मंत्रिमंडलीय उप-समिति की सिफारिशों को स्वीकार किया गया है, जिसका उद्देश्य खाली पड़े सरकारी भवनों का समुचित उपयोग सुनिश्चित करना है।
* सोलन में जल शुल्क में एकरूपता:
सोलन नगर निगम क्षेत्र में सभी सेवा प्रदाताओं की जल शुल्क दरों को जल शक्ति विभाग की दरों के समान किया गया है, जिससे हजारों जल उपभोक्ता लाभान्वित होंगे।
* नादौन में सीमा परिवर्तन:
जिला हमीरपुर के नादौन नगर परिषद क्षेत्र से वार्ड नंबर-8 के अमतर स्टेडियम और पंचायत घर बेला क्षेत्र को बाहर करने का निर्णय लिया गया।ये सभी निर्णय दर्शाते हैं कि हिमाचल प्रदेश सरकार राज्य के विकास, जन कल्याण और सुशासन के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मानसून सत्र की तारीखें भी तय हो गई हैं, जिससे आगामी विधायी कार्य की रूपरेखा स्पष्ट हो गई है।
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