लेटेस्ट हिमाचल प्रदेश न्यूज़ हेडलाइंस

सीनियर रेजिडेंसी के लिए इंडक्शन ट्रेनिंग शुरू करने के निर्देश, आईजीएमसी मामले के बाद सरकार की सख्ती

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन | 24 दिसंबर 2025 at 7:38 am

Share On WhatsApp Share On Facebook Share On Twitter

प्रदेश सरकार चिकित्सा शिक्षा में अनुशासन, पेशेवर व्यवहार और बेहतर कार्यसंस्कृति को मजबूत करने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है। आईजीएमसी शिमला में हुई हालिया घटना को गंभीरता से लेते हुए समयबद्ध जांच और आवश्यक सुधारों पर जोर दिया गया है।

शिमला

आईजीएमसी की घटना पर विस्तृत समीक्षा
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने स्वास्थ्य विभाग, इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय शिमला और निदेशालय चिकित्सा शिक्षा के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर चिकित्सा शिक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की। बैठक में 22 दिसंबर को आईजीएमसी में हुई घटना से संबंधित सभी तथ्यों की विस्तृत जानकारी ली गई।

हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें: Join WhatsApp Group

समयबद्ध जांच और अनुशासन पर जोर
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि उक्त घटना की जांच शीघ्र पूर्ण कर उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्थान में पेशेवरों का व्यवहार सौम्य और संतुलित होना चाहिए, क्योंकि इससे न केवल व्यक्ति बल्कि संस्थान की छवि भी प्रभावित होती है।

सीनियर रेजिडेंसी के लिए इंडक्शन ट्रेनिंग अनिवार्य
मुख्यमंत्री ने निदेशालय चिकित्सा शिक्षा को निर्देश दिए कि सीनियर रेजिडेंसी करने के लिए चिकित्सा महाविद्यालयों में आने वाले चिकित्सकों के लिए इंडक्शन ट्रेनिंग आरंभ की जाए। उन्होंने सीनियर रेजिडेंसी प्रक्रिया की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य अधोसंरचना में बड़े निवेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते तीन वर्षों में प्रदेश सरकार ने चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में कई महत्त्वाकांक्षी पहल की हैं। स्वास्थ्य संस्थानों में बेहतर वातावरण और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विश्व-स्तरीय मानकों को अपनाया जा रहा है।

तीन हजार करोड़ से अधिक का निवेश
उन्होंने बताया कि राज्य में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं और अधोसंरचना के विकास के लिए तीन हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की जा रही है। स्वास्थ्य संस्थानों में लंबे समय से उपयोग हो रहे पुराने उपकरणों को अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों से बदला जा रहा है।

वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति
बैठक में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल सहित चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे और विभिन्न सुझाव प्रस्तुत किए।

हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें

ताज़ा खबरों और अपडेट्स के लिए अभी हमारे WhatsApp ग्रुप का हिस्सा बनें!

Join WhatsApp Group

आपकी राय, हमारी शक्ति!
इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया साझा करें


[web_stories title="false" view="grid", circle_size="20", number_of_stories= "7"]