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डीएचएस में 300 चिकित्सकों का प्रशिक्षण और अवकाश रिजर्व कोटा बनाया जाएगा : मुख्यमंत्री सुक्खू

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन | 3 फ़रवरी 2026 at 7:05 pm

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प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को बाधारहित बनाए रखने के लिए 300 चिकित्सकों का प्रशिक्षण व अवकाश रिजर्व कोटा तैयार करने का निर्णय लिया है। इस व्यवस्था से पीजी पाठ्यक्रम या प्रशिक्षण पर जाने वाले डॉक्टरों की अनुपस्थिति में भी मरीजों की सेवाएं प्रभावित नहीं होंगी।

शिमला

स्वास्थ्य सेवाओं के आधुनिकीकरण पर जोर
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य संस्थानों में अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए बड़े स्तर पर निवेश की प्रक्रिया शुरू की जा रही है, जिससे मरीजों को बेहतर और सटीक इलाज मिल सके।

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300 डॉक्टरों का प्रशिक्षण रिजर्व सिस्टम
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि स्वास्थ्य सेवाएं विभाग में 300 डॉक्टरों का एक विशेष प्रशिक्षण व अवकाश रिजर्व कोटा तैयार किया जाए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उच्च शिक्षा या विशेष प्रशिक्षण के लिए जाने वाले डॉक्टरों के कारण अस्पतालों में सेवाएं प्रभावित न हों। इस रिजर्व पूल के माध्यम से रिक्तियां तुरंत भरी जा सकेंगी और मरीजों को उपचार में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी।

चिकित्सा महाविद्यालयों में सुविधाओं का विस्तार
उन्होंने कहा कि सभी मेडिकल कॉलेजों में बुनियादी सुविधाओं को उन्नत किया जा रहा है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए छोटे बैच बनाए जाएंगे, ताकि प्रत्येक छात्र को बेहतर प्रशिक्षण मिल सके। नए लेक्चर थिएटरों के निर्माण और आधुनिक शिक्षण संसाधनों की उपलब्धता पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

आधुनिक उपचार सुविधाओं की ओर कदम
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों में उन्नत उपचार सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है ताकि मरीजों को जटिल उपचार के लिए राज्य से बाहर न जाना पड़े। उन्होंने विभाग को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।

ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं
सरकार का लक्ष्य है कि दूरदराज़ और ग्रामीण क्षेत्रों में भी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों। इसके लिए स्वास्थ्य संस्थानों में स्टाफ की कमी दूर करने, उपकरणों की उपलब्धता बढ़ाने और नैदानिक सेवाओं को सुदृढ़ करने पर विशेष बल दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन कदमों से मरीजों को बेहतर उपचार के साथ-साथ चिकित्सकों को भी बेहतर कार्य वातावरण मिलेगा।

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