लेटेस्ट हिमाचल प्रदेश न्यूज़ हेडलाइंस

Ajit Pawar Plane Crash

Ajit Pawar Plane Crash / महाराष्ट्र के डिप्टी CM अजित पवार का प्लेन क्रैश में निधन, PM मोदी ने जताया दुख

सराहां में ‘राम भरोसे’ तेंदुआ रेस्क्यू, संसाधनों के अभाव में जुगाड़ से निकाला गया वन्यजीव

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन | 29 दिसंबर 2025 at 6:26 pm

Share On WhatsApp Share On Facebook Share On Twitter

सराहां के समीप काहन गांव में तेंदुए के रेस्क्यू के दौरान वन विभाग की तैयारियों और संसाधनों की भारी कमी सामने आई। सुरक्षा उपकरणों और मानक प्रोटोकॉल के बिना किया गया यह रेस्क्यू ग्रामीणों के लिए जोखिम भरा साबित हो सकता था।


सिरमौर/सराहां

टैंक में फंसा रहा तेंदुआ, घंटों बाद निकाला गया बाहर

हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें: Join WhatsApp Group

जिला सिरमौर के पच्छाद उपमंडल मुख्यालय सराहां के समीप काहन गांव में नेशनल हाईवे के पास एक खाली टैंक में तेंदुआ गिर गया। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम के पास वन्यजीव रेस्क्यू के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध नहीं थे, जिसके चलते तेंदुआ करीब दस घंटे तक टैंक में फंसा रहा।

न पिंजरा, न ट्रैंक्युलाइजर, सुरक्षा प्रोटोकॉल भी नदारद

रेस्क्यू के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि वन विभाग की टीम के पास न तो तेंदुए को सुरक्षित पकड़ने के लिए पिंजरा था और न ही उसे बेहोश करने के लिए ट्रैंक्युलाइजर की व्यवस्था। इसके अलावा मौके पर मौजूद ग्रामीणों को सुरक्षित दूरी पर रखने जैसी बुनियादी सावधानियां भी नहीं बरती गईं, जिससे स्थिति और अधिक संवेदनशील बन गई।

लकड़ी के स्लीपर के सहारे बाहर निकला तेंदुआ

संसाधनों के अभाव में वन कर्मियों ने एक बड़ा लकड़ी का स्लीपर मंगवाकर उसे टैंक की दीवार के सहारे खड़ा कर दिया। कुछ देर बाद तेंदुआ उसी स्लीपर पर चढ़कर टैंक से बाहर निकला और जंगल की ओर भाग गया। विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह का रेस्क्यू किसी भी समय गंभीर हादसे में बदल सकता था, क्योंकि खुले में निकलते समय तेंदुआ आसपास मौजूद लोगों पर हमला कर सकता था।

ग्रामीणों ने जताया रोष, आदमखोर प्रवृत्ति का आरोप

काहन गांव के ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि यही तेंदुआ पहले भी क्षेत्र में पालतू पशुओं और कुत्तों को अपना शिकार बना चुका है। टैंक में गिरने के बाद उसे पकड़कर आबादी से दूर सुरक्षित स्थान पर भेजने का यह एक महत्वपूर्ण अवसर था, लेकिन विभाग की लापरवाही और संसाधनों की कमी के कारण तेंदुए को दोबारा जंगल की ओर छोड़ दिया गया।

संभावित खतरे को लेकर बढ़ी चिंता

ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुए के फिर से रिहायशी इलाकों की ओर आने की आशंका बनी हुई है। उन्होंने वन विभाग से मांग की है कि क्षेत्र में स्थायी निगरानी, पिंजरे की व्यवस्था और प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम तैनात की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें

ताज़ा खबरों और अपडेट्स के लिए अभी हमारे WhatsApp ग्रुप का हिस्सा बनें!

Join WhatsApp Group

आपकी राय, हमारी शक्ति!
इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया साझा करें


[web_stories title="false" view="grid", circle_size="20", number_of_stories= "7"]