शिमला के बहुचर्चित संजौली मस्जिद प्रकरण में अब विवाद हाईकोर्ट पहुंच गया है। वक्फ बोर्ड ने जिला अदालत के अवैध निर्माण हटाने संबंधी आदेश को चुनौती दी है, जिस पर आज सुनवाई होगी।
शिमला
जिला अदालत का बड़ा आदेश, अब हाईकोर्ट में चुनौती
संजौली मस्जिद पर जिला अदालत ने 30 अक्टूबर को बड़ा निर्णय देते हुए निचली दोनों मंजिलों को भी अवैध करार दिया था और दो माह के भीतर ढहाने के आदेश दिए थे। इस फैसले के खिलाफ वक्फ बोर्ड ने याचिका दायर कर राहत की मांग की है। अब न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर एवं न्यायाधीश रोमेश वर्मा की खंडपीठ मामला सुन रही है।
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16 साल पुराना विवाद, 50 से अधिक सुनवाई—निर्माण बिना अनुमति सिद्ध
नगर निगम के अनुसार मस्जिद की पुरानी संरचना हटाकर बिना अनुमति चार मंजिला नई बिल्डिंग बनाई गई। पहले केवल ऊपर की तीन मंजिलें हटाने के आदेश हुए, बाद में 3 मई 2025 के फैसले में निचली दो मंजिलों को भी अवैध घोषित किया गया। कोर्ट ने माना कि निर्माण अनुमोदन के नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।
तीन मंजिल पहले गिर चुकीं, दो और गिराने का आदेश बरकरार
पहले चरण में दो मंजिलें स्वयं मस्जिद कमेटी ने हटाईं, जबकि बाकी हिस्से को लेकर विवाद जारी रहा। ताज़ा फैसले में निचली मंजिलें भी अवैध पाई गईं, जिन्हें न गिराने पर निगम स्वयं ढहाकर लागत वसूलेगा।
दो गुटों की झड़प के बाद मामला फिर उछला — सड़कों तक पहुंचा तनाव
31 अगस्त 2024 को मैहली में दो गुटों के बीच मारपीट के बाद विवाद अचानक गर्माया। 5 सितंबर को हिंदू संगठनों ने शिमला में प्रदर्शन किया, 11 सितंबर को संजौली-ढली में उग्र प्रदर्शन हुए। इसके बाद मस्जिद कमेटी निगम कोर्ट में पेश होकर स्वयं अवैध हिस्से हटाने को तैयार हुई, पर कानूनी प्रक्रिया जारी रही।
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