देहरादून:
उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता धीरेंद्र प्रताप ने केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा का नाम बदलकर भगवान श्री राम के नाम पर किए जाने के फैसले की तीखी आलोचना की है।
उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को नीचा दिखाने के लिए भगवान श्री राम के नाम का उपयोग करना किसी भी दृष्टि से तर्कसंगत नहीं है।
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धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि यदि सरकार चाहती तो भगवान श्री राम के नाम पर एक हजार नई योजनाएं शुरू कर सकती थी, जिसका सभी स्वागत करते, परंतु महात्मा गांधी का नाम हटाकर भगवान श्री राम का नाम रखा जाना उचित नहीं है।
धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि महात्मा गांधी एक महामानव थे, लेकिन उनकी तुलना भगवान श्री राम से करना स्वयं भगवान श्री राम की महिमा को कम करने जैसा है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के नेतृत्व से सवाल किया कि क्या वे इस तरह के कदमों से महात्मा गांधी की गरिमा को ठेस पहुँचाना चाहते हैं।
उन्होंने जोर देकर कहा कि इस तरह के फैसलों से भगवान श्री राम की गरिमा भी प्रभावित होती है और उन्हें बेवजह विवादों में घसीटा जा रहा है, जो कि अक्षम्य है।कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि भले ही संसद में इस प्रस्ताव को पारित कर दिया गया हो, लेकिन लोकतंत्र में जनता संसद से भी ऊपर है।
उन्होंने दावा किया कि देश की आम जनता भाजपा के इस प्रस्ताव को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है। धीरेंद्र प्रताप ने संघ के नेतृत्व से अपील की कि वे भाजपा को सही रास्ता दिखाएं और इस बात पर पुनर्विचार करें कि राष्ट्रपिता का नाम हटाना देशहित में नहीं है।
उन्होंने मांग की कि मनरेगा का नाम फिर से महात्मा गांधी के नाम पर ही बहाल किया जाना चाहिए और भगवान श्री राम को राजनीतिक विवादों का हिस्सा नहीं बनाया जाना चाहिए।
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