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ग्रीन एनर्जी की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा हिमाचल, 2026 तक 90 प्रतिशत नवीकरणीय ऊर्जा का लक्ष्य

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन | 23 दिसंबर 2025 at 7:59 am

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प्रदेश सरकार ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए ग्रीन एनर्जी स्टेट बनने की दिशा में लगातार ठोस कदम उठा रही है। सौर ऊर्जा सहित वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के विस्तार से हिमाचल को देश के अग्रणी हरित राज्यों में शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है।

शिमला

नवीकरणीय ऊर्जा से 90 प्रतिशत जरूरतें पूरी करने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार ने मार्च 2026 तक राज्य की 90 प्रतिशत से अधिक ऊर्जा आवश्यकताओं को नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। वर्तमान में हिमाचल प्रदेश की वार्षिक ऊर्जा खपत लगभग 13 हजार मिलियन यूनिट है।

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दो वर्षों में 500 मेगावाट सौर क्षमता स्थापित करने की योजना
मुख्यमंत्री ने बताया कि हरित पहलों के तहत अगले दो वर्षों में 500 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित की जाएंगी। ‘ग्रीन पंचायत कार्यक्रम’ के अंतर्गत राज्य की पंचायतों में ग्राउंड-माउंटेड सौर परियोजनाएं लगाई जा रही हैं, जिससे कुल 150 मेगावाट उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।

सौर परियोजनाओं से सामाजिक कल्याण को भी मिलेगा लाभ
इन सौर परियोजनाओं से अर्जित राजस्व का 20 प्रतिशत हिस्सा ग्राम पंचायतों के अनाथ बच्चों और विधवाओं के कल्याण पर खर्च किया जाएगा। इससे ऊर्जा उत्पादन के साथ सामाजिक सरोकारों को भी मजबूती मिलेगी।

ऊना जिले की परियोजनाओं से हुआ उल्लेखनीय उत्पादन
मुख्यमंत्री ने बताया कि ऊना जिले की पेखूबेला, अघलौर और भंजाल सौर परियोजनाओं से अब तक बड़ी मात्रा में बिजली उत्पादन हुआ है, जिससे करोड़ों रुपये का राजस्व अर्जित किया गया है। ये परियोजनाएं राज्य की हरित ऊर्जा यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

नई परियोजनाएं और निवेशकों को प्रोत्साहन
प्रदेश में कई सौर परियोजनाएं निष्पादन और निविदा चरण में हैं। इसके साथ ही कांगड़ा जिले के डमटाल क्षेत्र में 200 मेगावाट क्षमता का सौर संयंत्र स्थापित किया जाएगा। ‘पहले आओ, पहले पाओ’ नीति के तहत बड़ी संख्या में निवेशकों को सौर परियोजनाएं आवंटित की जा चुकी हैं।

वैकल्पिक ऊर्जा क्षेत्रों में भी तेजी से काम
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ग्रीन हाइड्रोजन, कंप्रेस्ड बायोगैस और भू-तापीय ऊर्जा जैसे वैकल्पिक क्षेत्रों में भी योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है। इन प्रयासों के माध्यम से हिमाचल प्रदेश को वर्ष 2026 तक देश का अग्रणी ग्रीन एनर्जी राज्य बनाने की दिशा में निरंतर प्रगति हो रही है।

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