आईजीएमसी शिमला में मरीज से मारपीट के मामले में डॉक्टर की बर्खास्तगी के बाद चिकित्सक संगठनों में नाराजगी बढ़ गई है। इसके विरोध में रेजिडेंट डॉक्टरों ने सामूहिक अवकाश और आगे हड़ताल का निर्णय लिया है।
शिमला
बर्खास्तगी के बाद चिकित्सकों में रोष
आईजीएमसी शिमला में मरीज से मारपीट के मामले में आरोपी डॉक्टर को सेवा से बर्खास्त किए जाने के बाद मामला गरमा गया है। इस फैसले के खिलाफ विभिन्न चिकित्सक संगठनों ने बैठकें कर सामूहिक अवकाश पर जाने का निर्णय लिया है।
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें: Join WhatsApp Group
सामूहिक अवकाश और हड़ताल की चेतावनी
आईजीएमसी रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन, कॉलेज एससीए और स्टेट एसोसिएशन ऑफ मेडिकल एंड डेंटल कॉलेज टीचर्स की बैठक में यह फैसला लिया गया कि शुक्रवार को एक दिन का सामूहिक अवकाश रहेगा। मांगें पूरी न होने पर शनिवार से हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी गई है।
मुख्यमंत्री से मिलने का कार्यक्रम
रेजिडेंट डॉक्टरों ने स्पष्ट किया है कि वे अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मुलाकात करेंगे। उनका कहना है कि मांगें न माने जाने की स्थिति में आंदोलन जारी रहेगा।
ओपीडी और ऑपरेशन हो सकते हैं प्रभावित
सामूहिक अवकाश के चलते आईजीएमसी, कमला नेहरू अस्पताल और डीडीयू अस्पताल में ओपीडी और वैकल्पिक ऑपरेशन सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। हालांकि आपातकालीन सेवाएं जारी रखने की बात कही गई है।
चिकित्सक संगठनों का समर्थन
चमियाना अस्पताल फैकल्टी एसोसिएशन और हिमाचल चिकित्सा अधिकारी संघ ने भी रेजिडेंट डॉक्टरों के फैसले का समर्थन किया है। संगठनों का कहना है कि केवल डॉक्टर के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई अनुचित है और इस पर पुनर्विचार होना चाहिए।
प्रशासन का पक्ष
निदेशक चिकित्सा शिक्षा ने बताया कि सामूहिक अवकाश को लेकर कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है, हालांकि डॉक्टरों के मुख्यमंत्री से मिलने की जानकारी सामने आई है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि आपातकालीन सेवाएं हर हाल में जारी रहेंगी।
📢 लेटेस्ट न्यूज़
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें
ताज़ा खबरों और अपडेट्स के लिए अभी हमारे WhatsApp ग्रुप का हिस्सा बनें!
Join WhatsApp Group





