आईजीएमसी शिमला में मरीज और डॉक्टर के बीच हुई झड़प के मामले में जांच पूरी होने के बाद बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान निदेशालय ने जांच रिपोर्ट के आधार पर सीनियर रेजिडेंट की सेवाएं समाप्त करने के आदेश जारी किए हैं।
शिमला
प्रारंभिक जांच में सामने आया विवाद
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चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान निदेशालय को आईजीएमसी शिमला की अनुशासनात्मक जांच समिति से प्रारंभिक रिपोर्ट प्राप्त हुई थी, जिसमें पल्मोनरी मेडिसिन विभाग के सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर और 36 वर्षीय मरीज के बीच झड़प की पुष्टि हुई। इस घटना को लेकर मरीज के परिजनों की ओर से एफआईआर भी दर्ज करवाई गई, जो पुलिस जांच के अधीन है।
वीडियो और रिपोर्ट के आधार पर हुई कार्रवाई
प्रारंभिक जांच रिपोर्ट और सामने आए वीडियो क्लिप के आधार पर संबंधित सीनियर रेजिडेंट को 22 दिसंबर को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया था। इसके बाद सरकार ने पूरे मामले की गहन जांच के लिए जांच समिति का गठन किया, जिसे सभी पहलुओं की जांच कर तथ्यात्मक रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए थे।
जांच समिति की रिपोर्ट में क्या निकला निष्कर्ष
जांच समिति की रिपोर्ट में यह निष्कर्ष निकला कि घटना के लिए मरीज और डॉक्टर दोनों जिम्मेदार हैं। रिपोर्ट में इसे अनुशासनहीनता, दुर्व्यवहार और रेजिडेंट डॉक्टर पॉलिसी 2025 के उल्लंघन की श्रेणी में रखा गया है।
सेवाएं समाप्त करने के आदेश
जांच रिपोर्ट के अवलोकन के बाद चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान निदेशालय ने सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर की सेवाएं रेजिडेंट डॉक्टर पॉलिसी 2025 की धारा-9 के तहत तत्काल प्रभाव से समाप्त करने के आदेश जारी कर दिए हैं।
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