Anti Drug Marathon : तेज बारिश के बावजूद सभी वर्गों की भागीदारी ने नशे के खिलाफ एकजुटता का परिचय दिया। राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने पुलिस विभाग के इस प्रयास को सराहते हुए जनसहभागिता और सांस्कृतिक चेतना की अपील की।
शिमला
राज्यपाल ने कहा— हर घर तक पहुंचे नशा मुक्ति का संदेश, समाज की भागीदारी जरूरी
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रिज मैदान से हुआ मैराथन का शुभारंभ
हिमाचल प्रदेश पुलिस विभाग द्वारा आयोजित 12वीं हाफ मैराथन को राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस बार मैराथन की थीम ‘नशे को मात, देंगे एक साथ’ रखी गई, जो नशा मुक्ति को लेकर समाज को जागरूक करने की दिशा में उठाया गया एक सशक्त कदम है।
भारी बारिश में भी नहीं डगमगाया उत्साह
मूसलधार बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में बच्चों, युवाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगजन ने मैराथन में उत्साहपूर्वक भाग लिया। राज्यपाल ने कहा कि यह भागीदारी समाज में फैले नशे के खिलाफ लोगों की एकजुटता और संकल्प को दर्शाती है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों की सराहना करते हुए उन्हें हर प्रकार के नशे से दूर रहने की शपथ भी दिलवाई।
नशा मुक्त हिमाचल के लिए जनसहभागिता की अपील
राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल को नशा मुक्त राज्य बनाने के लिए पुलिस विभाग की यह पहल प्रशंसनीय है। उन्होंने जोर दिया कि इस अभियान की पहुंच हर घर तक होनी चाहिए और समाज के हर वर्ग को ऐसे आयोजनों में सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए ताकि राज्य को इस बुराई से पूरी तरह मुक्त किया जा सके।
प्रदर्शनी, हस्ताक्षर और पुरस्कार वितरण भी रहा आकर्षण
राज्यपाल ने नशे के खिलाफ जागरूकता के लिए पुलिस द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का उद्घाटन किया और ‘हस्ताक्षर बोर्ड’ पर हस्ताक्षर कर अभियान के प्रति एकजुटता दिखाई। मैराथन को चार श्रेणियों—हाफ मैराथन, मिनी मैराथन, ड्रीम रन और दिव्यांग प्रतिभागियों की विशेष दौड़ में बांटा गया। हाफ मैराथन के विजेता को 51,000 रुपये नकद पुरस्कार देने की घोषणा की गई।
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