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1971 युद्ध विजय दिवस : भारतीय सेना के शौर्य को नमन, हिमाचल के 261 वीरों को श्रद्धांजलि

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 16 Dec 2025 • 1 Min Read

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने 1971 भारत-पाकिस्तान युद्ध में वीरगति को प्राप्त भारतीय सैनिकों को नमन करते हुए उनके बलिदान को राष्ट्र की अमूल्य धरोहर बताया। उन्होंने कहा कि यह विजय भारत की सैन्य शक्ति, एकता और नेतृत्व क्षमता का ऐतिहासिक प्रतीक है।

शिमला

भारतीय सेना ने रचा था शौर्य का इतिहास
विनय कुमार ने कहा कि 1971 में भारतीय सेना ने शौर्य और पराक्रम की मिसाल कायम करते हुए देश को गौरवान्वित किया। भारत पर थोपे गए युद्ध का सेना ने साहस के साथ सामना किया और पाकिस्तानी सेना को आत्मसमर्पण के लिए मजबूर कर ऐतिहासिक विजय प्राप्त की।

वैश्विक स्तर पर भारत की शक्ति हुई स्थापित
उन्होंने कहा कि इस विजय ने न केवल भारत की एकता और अखंडता को मजबूत किया, बल्कि विश्व पटल पर भारत की सामरिक शक्ति को भी स्थापित किया। यह विजय आज भी हर भारतीय के लिए गर्व का विषय है।

इंदिरा गांधी के नेतृत्व में सेना का अद्वितीय पराक्रम
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कुशल और निर्णायक नेतृत्व में भारतीय सेना ने अद्भुत साहस का परिचय दिया, जिसे देश हमेशा स्मरण करता रहेगा।

हिमाचल के 261 शहीदों को विशेष नमन
विनय कुमार ने हिमाचल प्रदेश के उन 261 वीर सैनिकों को विशेष रूप से याद किया, जिन्होंने 1971 के युद्ध में सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने देश के लिए प्राण न्यौछावर करने वाले सभी सैनिकों को श्रद्धा सुमन अर्पित किए।