प्रदेश में बादल फटने , भारी बारिश और भूस्खलन से हुई तबाही को देखते हुए विधानसभा ने राष्ट्रीय आपदा घोषित करने का प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजने का निर्णय लिया। प्रस्ताव पर विपक्ष और सत्ता पक्ष सहमत हुए, लेकिन चर्चा के दौरान सदन में जोरदार हंगामा भी हुआ।
शिमला
सर्वसम्मति से पारित हुआ प्रस्ताव
विधानसभा के मानसून सत्र के नौवें दिन संसदीय कार्यमंत्री हर्षवर्धन चौहान ने नियम 102 के तहत प्रस्ताव सदन में रखा। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने अपने-अपने क्षेत्रों में हुए नुकसान का हवाला देते हुए राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की आवश्यकता पर सहमति जताई। प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित कर केंद्र सरकार को भेजने का निर्णय हुआ।
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें: Join WhatsApp Group
हंगामे के बीच बोले राजस्व मंत्री
जब राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी आपदा से हुए नुकसान और राहत कार्यों की जानकारी देने खड़े हुए, तो विपक्ष ने नारेबाजी शुरू कर दी। भाजपा विधायक वेल में पहुंच गए और लगातार शोर-शराबा करते रहे। इस दौरान मंत्री नेगी नुकसान और सरकार की ओर से किए गए प्रबंधों की जानकारी देते रहे।
नेगी का विपक्ष पर निशाना
जगत सिंह नेगी ने कहा कि विपक्ष आपदा प्रभावितों के साथ नहीं है बल्कि जनता को गुमराह कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रभावितों को राशन व सहायता पहुंचाई जा रही है और सभी को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले भी केंद्र में राहत पैकेज रोकने का प्रयास किया गया था और अब इस प्रस्ताव को भी रोकने की कोशिश की जा सकती है।
आपदा के कारणों पर चिंता
सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने एकमत से कहा कि अंधाधुंध निर्माण और बेतरतीब कटिंग आपदा के प्रमुख कारण हैं। उन्होंने इस पर ठोस कदम उठाने की आवश्यकता जताई।
📢 लेटेस्ट न्यूज़
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें
ताज़ा खबरों और अपडेट्स के लिए अभी हमारे WhatsApp ग्रुप का हिस्सा बनें!
Join WhatsApp Group