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शिक्षा से जुड़ाव की मिसाल : तलमेहड़ा स्कूल से पढ़े , यहीं पढ़ाया… जीवन मोदगिल प्रधानाचार्य पद से सेवानिवृत्त

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ऊना/वीरेंद्र बन्याल

26 वर्षों की सेवा यात्रा का भावुक समापन, छात्र से शिक्षक और प्रधानाचार्य बनने तक का प्रेरक सफर

राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय तलमेहड़ा में शिक्षा के प्रति समर्पण का एक अद्वितीय अध्याय उस समय पूर्ण हुआ जब वरिष्ठ प्रवक्ता (अर्थशास्त्र) एवं कार्यवाहक प्रधानाचार्य जीवन मोदगिल 30 अप्रैल को सेवानिवृत्त हुए। विशेष बात यह रही कि मोदगिल की शिक्षा की शुरुआत भी इसी विद्यालय से हुई थी और सेवा यात्रा का समापन भी यहीं हुआ। कक्षा पहली से दसवीं तक की पढ़ाई इसी स्कूल में कर, वे यहीं शिक्षक बने और 26 वर्षों तक विद्यार्थियों को शिक्षा देकर आज एक मिसाल के रूप में विदा हुए।

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पारिवारिक विरासत और संघर्षों से बना शिक्षण समर्पण का आधार

जीवन मोदगिल का परिवार भी शिक्षा से गहराई से जुड़ा रहा है। उनके पिता स्व. देवी दास शर्मा भी इसी विद्यालय में अध्यापक थे। दुर्भाग्यवश, उनके पिता का निधन उस समय हुआ जब वे कक्षा छठी में थे। इस कठिन समय में उनके बड़े भाई सुरेश शर्मा ने परिवार की जिम्मेदारी संभाली और तीन भाइयों-तीन बहनों की शिक्षा से लेकर विवाह तक हर ज़िम्मेदारी निभाई। मोदगिल ने अपनी शिक्षा और सेवाएं इसी पृष्ठभूमि में पूर्ण कीं, जहां माता सत्या देवी और भाभी वीना शर्मा का विशेष सहयोग रहा।

विद्यालय में अनुशासन, सांस्कृतिक उन्नति और सेवा भावना के प्रतीक रहे मोदगिल

विद्यालय में रहते हुए जीवन मोदगिल ने न केवल शिक्षण में उत्कृष्ट योगदान दिया, बल्कि अनुशासन, सांस्कृतिक गतिविधियों, एनएसएस और खेलों के क्षेत्र में भी विद्यालय को राज्य व राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया। वे 16 वर्षों तक राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी रहे और छात्रों को समाज सेवा से जोड़ने में अग्रणी भूमिका निभाई। विद्यार्थियों के प्रति स्नेह और सरल व्यवहार ने उन्हें सबका प्रिय बना दिया।

सम्मान समारोह में उमड़े लोग, शिक्षा के प्रति समर्पण को दी श्रद्धांजलि

विद्यालय में आयोजित विदाई समारोह में शिक्षक, पूर्व प्रधानाचार्य, परिवारजन, गांववासी और शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। पूर्व प्रधानाचार्य सुभाष कौशल ने उनके योगदान को प्रेरणादायक बताया। समारोह में भावुक भाषणों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और स्मृति चिन्हों के माध्यम से जीवन मोदगिल को सम्मानित किया गया। मोदगिल ने कहा, “शिक्षा मेरा धर्म रहा है, और छात्रों का स्नेह मेरी सबसे बड़ी पूंजी।”

समारोह में उपस्थित प्रमुख चेहरे और संस्थानों का रहा व्यापक प्रतिनिधित्व

समारोह में उनकी धर्मपत्नी पिंकी मोदगिल, भाई सुरेश शर्मा, नरेश शर्मा, सुभाष शर्मा, बहन निर्मल कांता, कमलेश, मीना, यूको बैंक शिमला की चीफ़ मैनेजर ईशानी शर्मा, डॉ. मयंक शर्मा, ENT विशेषज्ञ डॉ. निशा शर्मा, डॉ. आकांक्षा, डॉ. आरुषि शर्मा, डॉ. अमित शर्मा, नौनी यूनिवर्सिटी सोलन के एसडीओ राकेश शर्मा सहित स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्य, ग्राम पंचायत प्रतिनिधि, पूर्व प्रधान और बड़ी संख्या में स्थानीय गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में जीवन मोदगिल के समर्पण को शिक्षा का सच्चा उदाहरण बताया।

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