नाहन :
हिमाचल प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षकों की दैनिक डायरी प्रणाली को बंद करने का निर्णय एक सराहनीय एवं समयानुकूल कदम है, जिसका शिक्षक समुदाय ने पुरजोर स्वागत किया है।
हिमाचल प्रदेश विद्यालय प्रवक्ता संघ के जिला अध्यक्ष डॉक्टर आई डी राही ने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षक पहले से ही शैक्षणिक, सह-शैक्षणिक तथा विभिन्न प्रशासनिक दायित्वों को निभा रहे हैं, ऐसे में प्रतिदिन शिक्षक डायरी का लिखना एक अतिरिक्त औपचारिकता बनकर रह गया था, जिससे शिक्षकों का बहुमूल्य समय कागजी कार्यों में व्यर्थ हो जाता था।
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गौरतलब है कि शिक्षक कक्षा में विद्यार्थियों की बौद्धिक क्षमता, रुचि, आवश्यकता और दिनचर्या को ध्यान में रखते हुए अध्यापन कार्य करते हैं, ऐसे में शिक्षक डायरी का वास्तविक शैक्षणिक गुणवत्ता पर कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ रहा था और इसके परिणाम भी नगण्य सिद्ध हो रहे थे।
अब तक मात्र निरीक्षण अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान डायरी दिखाए जाने के उद्देश्य से ही अध्यापक इसे लिख रहे थे। हिमाचल प्रदेश विद्यालय प्रवक्ता संघ के राज्य चेयरमैन सुरेंद्र पुंडीर, राज्य विशिष्ट सदस्य नरेंद्र नेगी, जिला अध्यक्ष डॉक्टर आई डी राही, राज्य संरक्षक रमेश नेगी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजय शर्मा,
महिला विंग सिरमौर अध्यक्ष संध्या चौहान, जिला सिरमौर के वरिष्ठ उपाध्यक्ष ओम प्रकाश शर्मा, महासचिव दिनेश शर्मा, कोषाध्यक्ष लाल सिंह ठाकुर तथा अन्य सभी राज्य एवं जिला कार्यकारिणी सदस्यों ने एक संयुक्त वक्तव्य में इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह फैसला शिक्षकों को अनावश्यक बोझ से मुक्त कर उन्हें शिक्षण कार्य पर अधिक ध्यान केंद्रित करने का अवसर प्रदान करेगा।
संघ के पदाधिकारियों ने इसे शिक्षक हित में लिया गया एक सकारात्मक और प्रशंसनीय निर्णय बताया है जिससे प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में गुणात्मक सुधार आने की उम्मीद है।
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