जिला सिरमौर में तैनात रहे हैं ट्रेजर सतीश कुमार, भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत हुई है कार्रवाई
शिमला।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 के तहत मामले में बड़ी कार्रवाई की है।सिरमौर जिले के नाहन में पदस्थ रहे पूर्व जिला कोषाधिकारी सतीश कुमार के खिलाफ ईडी शिमला कार्यालय ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उनकी 1.84 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया है।
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कुर्क की गई यह संपत्ति पंजाब के एसएएस नगर मोहाली में सन्नी एन्क्लेव, खरड़ में स्थित 200 वर्ग गज का भूखंड है, जिस पर निर्माण भी हुआ है। ईडी ने यह कार्रवाई नाहन पुलिस स्टेशन में सतीश कुमार के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज एफआईआर और आरोप पत्र के आधार पर शुरू की थी।
इस मामले में सतीश कुमार को नाहन स्थित विशेष न्यायाधीश, सिरमौर द्वारा पहले ही दोषी ठहराया जा चुका है। ईडी की जाँच में यह खुलासा हुआ कि सतीश कुमार ने वर्ष 2012 से 2018 के बीच जिला कोषाधिकारी, नाहन के रूप में काम करते हुए ई-पेंशन सॉफ्टवेयर में धोखाधड़ी से हेरफेर किया।
उन्होंने अवैध रूप से 95 पेंशनरों के लिए निर्धारित पेंशन राशि को अपने, अपनी पत्नी और बच्चों के नाम पर विभिन्न बैंक खातों में हस्तांतरित कर दिया। इस तरह कुल ₹1,68,66,371 की राशि अपराध से अर्जित की गई।
जाँच में यह स्थापित हुआ कि सतीश कुमार ने इसी अवैध आय का उपयोग मोहाली के सन्नी एन्क्लेव में यह आवासीय संपत्ति खरीदने और उसके निर्माण में किया, जिसका उद्देश्य इस ‘दागदार धन’ को वैध दिखाना था।
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