नई दिल्ली/धर्मशाला:
कांगड़ा-चंबा के सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज द्वारा संसद में उठाए गए सवालों पर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हिमाचल की रेल परियोजनाओं को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है।
केंद्रीय मंत्री ने सदन को बताया कि 200 किलोमीटर लंबी पठानकोट-जोगिंद्रनगर नैरो गेज लाइन को ब्रॉडगेज लाइन में बदलने का सर्वे कार्य पूरा कर लिया गया है। वर्तमान में इस परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा रही है, जिससे इस क्षेत्र के लोगों की वर्षों पुरानी मांग पूरी होने की उम्मीद जगी है।
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें: Join WhatsApp Group
हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि 57 किलोमीटर लंबी जोगिंद्रनगर रेलवे लाइन का सर्वे भी करवाया गया है, लेकिन इसमें ट्रैफिक की संभावना कम आंकी गई है।केंद्रीय रेल मंत्री ने हिमाचल के लिए सामरिक दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण बिलासपुर-मनाली-लेह रेलवे लाइन पर भी बड़ा अपडेट दिया है।
उन्होंने डॉ. राजीव भारद्वाज को सदन में बताया कि रक्षा मंत्रालय ने इस रेल लाइन को सामरिक महत्व की परियोजना के रूप में चिह्नित किया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का सर्वे पूरा हो चुका है और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट भी तैयार कर ली गई है।
रेल मंत्री के अनुसार, लगभग 1,31,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना के तहत 489 किलोमीटर लंबी रेलवे लाइन का निर्माण किया जाएगा।इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता इसका चुनौतीपूर्ण मार्ग होगा।
रेल मंत्री ने सदन को जानकारी दी कि कुल 489 किलोमीटर लंबी इस लाइन में से लगभग 270 किलोमीटर का हिस्सा सुरंगों (टनलों) के बीच से होकर गुजरेगी।
यह रेल लाइन न केवल हिमाचल के पर्यटन और विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी, बल्कि लेह-लद्दाख तक सेना की पहुंच को भी आसान बनाएगी। सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज द्वारा रेल विस्तार के इन मुद्दों को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद अब इन परियोजनाओं को धरातल पर उतारने की कवायद तेज होती दिख रही है।
📢 लेटेस्ट न्यूज़
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें
ताज़ा खबरों और अपडेट्स के लिए अभी हमारे WhatsApp ग्रुप का हिस्सा बनें!
Join WhatsApp Group





