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किसान सभा ने स्मार्ट मीटर नीति का किया कड़ा विरोध, कहा गरीबों पर बढ़ेगा आर्थिक बोझ

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मुख्यमंत्री को भेजा मांग पत्र, किसान-मजदूर हितों पर असर की जताई चिंता

नाहन (सिरमौर):
हिमाचल किसान सभा की सिरमौर जिला कमेटी ने सरकार और बिजली बोर्ड द्वारा लागू की गई स्मार्ट मीटर नीति को पूरी तरह किसान, मजदूर और गरीब विरोधी करार देते हुए इसका विरोध किया है। इस संबंध में किसान सभा ने अधीक्षण अभियंता, बिजली बोर्ड नाहन को एक मांग पत्र सौंपा है, जिसमें मुख्यमंत्री से इस नीति को तत्काल वापस लेने की अपील की गई है।

गरीब परिवारों पर पड़ेगा असर
सभा पदाधिकारियों ने कहा कि स्मार्ट मीटर लगाने से आम और गरीब परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा, जिससे बिजली खर्च उठाना उनके लिए और कठिन हो जाएगा। खेती में प्रयोग होने वाली बिजली भी महंगी हो जाएगी, जिसका सीधा असर कृषि उत्पादन पर पड़ेगा।

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निजीकरण की ओर कदम
किसान सभा का आरोप है कि यह नीति बड़े डिस्कॉम कंपनियों को लाभ पहुँचाने और बिजली सेवा का धीरे-धीरे निजीकरण करने की साजिश है। सभा ने कहा कि बिजली सेवा को सरकारी नियंत्रण से बाहर करने का यह प्रयास जनहित में अस्वीकार्य है और इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा।

मौजूद रहे पदाधिकारी
इस मौके पर किसान सभा के महासचिव राजेंद्र ठाकुर, अध्यक्ष सतपाल मान, कोषाध्यक्ष बलदेव सिंह, नाहन ब्लॉक अध्यक्ष जगदीश पुंडीर, कोषाध्यक्ष राम सिंह वालिया, पूर्व उपाध्यक्ष विश्वनाथ शर्मा, राजेंद्र (बॉबी), गौरव धीमान और नरेश कुमार उपस्थित रहे। सभा ने स्पष्ट कहा कि किसानों और आम जनता की राय लिए बिना इस नीति को लागू करना अनुचित है और इसे तुरंत वापस लिया जाए।

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