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उत्तराखंड अंकिता हत्याकांड / अंकिता हत्याकांड में कोर्ट का बड़ा फैसला, पुलकित आर्य समेत तीनों दोषियों को उम्रकैद की सजा

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देहरादून

वनतरा रिसॉर्ट हत्याकांड में अदालत ने सुनाया निर्णय, दोषियों को उम्रकैद और जुर्माना

उत्तराखंड की बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्या मामले में आखिरकार न्यायालय ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए दोषियों को सख्त सजा सुनाई है। कोटद्वार की अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) की अदालत ने मुख्य आरोपी पुलकित आर्य समेत सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को हत्या का दोषी करार देते हुए उम्रकैद और जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने इस मामले में पीड़ित परिवार को चार लाख रुपये का मुआवजा देने के भी आदेश दिए हैं।

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तीनों दोषी पाए गए हत्या, सबूत मिटाने और अनैतिक गतिविधियों में शामिल

कोर्ट ने पुलकित आर्य को आईपीसी की धारा 302 (हत्या), 201 (सबूत मिटाना), 354A (यौन उत्पीड़न) और अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम की धारा 3(1)(d) के तहत दोषी माना है। वहीं, उसके दो सहयोगी सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को हत्या और सबूत मिटाने सहित अनैतिक गतिविधियों में शामिल पाए जाने पर सजा सुनाई गई है। तीनों की जिंदगी अब सलाखों के पीछे ही बीतेगी।

एसआईटी जांच से हुआ खुलासा, दो साल आठ महीने चली सुनवाई

इस मामले की जांच के लिए सरकार ने विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया था। जांच में जुटी टीम ने 500 पन्नों की चार्जशीट अदालत में पेश की थी। अभियोजन पक्ष ने कुल 97 गवाह बनाए, जिनमें से 47 गवाहों को अदालत में परीक्षित किया गया। 28 मार्च 2023 से गवाही का सिलसिला शुरू हुआ और लगभग दो साल आठ महीने तक मामला कोर्ट में चला।

2022 में हुई थी हत्या, पूरे देश में मचा था आक्रोश

18 सितंबर 2022 को अंकिता भंडारी अचानक लापता हो गई थीं। वह वनतरा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के पद पर कार्यरत थीं। कुछ दिन बाद 24 सितंबर को चीला पावर हाउस नहर से उसका शव बरामद किया गया। इस घटना से उत्तराखंड से लेकर देशभर में आक्रोश फैल गया था। तत्कालीन भाजपा नेता विनोद आर्य के बेटे पुलकित आर्य का नाम सामने आने के बाद पार्टी ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया था।

सरकार ने दी थी नौकरी और कानूनी सहायता

सरकार की ओर से पीड़ित परिवार को सहायता प्रदान की गई थी। न सिर्फ परिवार को नौकरी दी गई, बल्कि केस की पैरवी के लिए तीन बार वकील भी बदले गए, ताकि न्याय सुनिश्चित हो सके। अदालत परिसर की सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए थे और कई जिलों से फोर्स बुलाई गई थी।

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