कुटलैहड़ में कृषि के लिए मजबूत आधारभूत ढांचे से हजारों किसानों को हुआ फायदा

HNN/ ऊना वीरेंद्र बन्याल

कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र में गत चार वर्षों में प्रदेश सरकार के सतत प्रयासों से किसानों के लिए आधारभूत ढांचा सुदृढ़ हुआ है, जिससे क्षेत्र के हजारों किसानों को लाभ मिला है। जहां पीएम किसान सम्मान निधि के तहत करोड़ों रुपए की धनराशि किसानों को आंबटित की गई है, वहीं कृषि विभाग की अन्य योजनाओं से भी किसान लाभान्वित हो रहे हैं। कुटलैहड़ विस क्षेत्र के 20,221 किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ दिया गया है, जिसके तहत उन्हें प्रतिवर्ष 6 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जाती है। कृषि विभाग की अन्य योजनाओं का भरपूर लाभ भी कुटलैहड़ के किसानों ने उठाया है।

क्षेत्र में पिछले चार वर्षों में किसानों को ट्रैक्टर पर 1.80 करोड़ रुपए की सब्सिडी प्रदान की गई है। वर्ष 2017-18 में 15 लाख, 2018-19 में 33 लाख, 2019-20 में 83.50 लाख तथा 2020-21 में 47.38 लाख की किसानों को ट्रैक्टरों की खरीद पर सब्सिडी दी गई है। मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना का लाभ उठाकर अपने खेतों की बाड़बंदी कराने में भी क्षेत्र के किसान पीछे नहीं है। अपने खेतों को जंगली एवं बेसहारा पशुओं के आंतक के बचाने के लिए की गई सोलर बाड़बंदी पर किसानों को 2.52 करोड़ रुपए का उपदान दिया गया है।

वर्ष 2018-19 में 63.73 लाख, 2019-20 में 98 लाख तथा 2020-21 में 93 लाख की सब्सिडी किसानों को मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना के तहत दी गई है। इसके अतिरिक्त क्षेत्र में पॉलीहाउस लगाने पर कृषि विभाग के माध्यम से 42 लाख, रोटावेटर की खरीद पर 10.50 लाख रुपए तथा पावर टिलर की खरीद पर 4 लाख रुपए की सब्सिडी भी किसानों ने ली है। उप निदेशक कृषि विभाग ऊना डॉ. अशोक कुमार ने कहा “कृषि विभाग जिला के समस्त किसानों की भरपूर मदद करने का प्रयास कर रहा है।

किसानों की सहायता के लिए जागरूकता शिविरों का आयोजन किया जाता है तथा विभागीय अधिकारी फील्ड में जाकर किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याओं का निपटारा भी करते हैं और उन्हें विभागीय योजनाओं की जानकारी भी प्रदान करते हैं। किसी भी योजना का लाभ लेने के लिए किसान कृषि विभाग के नजदीकी कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।” कुटलैहड़ में किसानों के लिए आय के स्रोत सृजित करने के लिए सिंचाई योजनाओं पर भी करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं।

नई स्कीमें बनाकर एवं वर्षा जल को इकट्ठा कर उस पानी को किसान के खेतों तक पहुंचाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। 16.37 करोड़ रुपए की लागत से समूर कलां में खड्ड पर चैक डैम बनाया गया है, जिससे आस-पास की 5000 कनाल कृषि भूमि को सिंचित करने का प्रयास है, जिसके लिए जल शक्ति विभाग ने कार्य भी शुरू कर दिया है। इसी प्रकार से डीहर में 5.38 करोड़ रुपए की लागत से चैक डैम लगाया जा रहा है, जिसका निर्माण 50 प्रतिशत तक कर लिया गया है।

इसके साथ-साथ 2.61 करोड़ की लागत से नंगल सलांगड़ी, डंगेहड़ा, कुरियाला, संझोट, नारी, अरनियाला एवं समूर कलां में ट्यूबवैल लगाए जा रहे हैं, जिनका 75 प्रतिशत कार्य तक पूर्ण हो चुका है। वहीं 1.03 करोड़ रुपए की लागत से हरिजन बस्ती डंगोली, कोटला खुर्द, घंडावल, भलोला व कोटला कलां में सिंचाई परियोजना का निर्माण कार्य 65 प्रतिशत पूर्ण किया जा चुका है।

वहीं, कृषि मंत्री वीरेंद्र कंवर कहते हैं “किसानों की आय को दोगुना करने के लिए सरकार प्रयासरत है। इसी दिशा में जहां प्रदेश भर में कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ जन-जन तक पहुंच रहा है, वहीं कुटलैहड़ के किसान भी इनसे लाभान्वित हो रहे हैं। आगे भी इसी प्रकार से किसानों को विभागीय योजनाओं से लाभान्वित करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।


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