मरीज से मारपीट मामले की होगी उच्च स्तरीय जांच, आरडीए ने 3 जनवरी को बुलाई अगली बैठक
शिमला:
हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल आईजीएमसी सहित प्रदेश भर में पिछले दो दिनों से जारी रेजिडेंट डॉक्टरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल आखिरकार समाप्त हो गई है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के कड़े रुख और आश्वासन के बाद रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) ने हड़ताल वापस लेने का निर्णय लिया है।
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मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया था कि डॉक्टरों को अपना अहंकार छोड़कर मरीजों के हित में तुरंत ड्यूटी पर लौटना चाहिए।मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों को भरोसा दिलाया है कि पल्मोनरी वार्ड में मरीज के साथ हुई मारपीट के मामले की विस्तृत और निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।
साथ ही, सेवा से बर्खास्त किए गए डॉक्टर राघव निरूला के भविष्य पर भी जांच रिपोर्ट के बाद उचित निर्णय लिया जाएगा। मुख्यमंत्री के इस भरोसे के बाद आरडीए ने बयान जारी कर कहा कि वे जनहित को सर्वोपरि मानते हुए काम पर लौट रहे हैं।
हालांकि, एसोसिएशन ने यह भी साफ किया है कि जब तक बर्खास्तगी के आदेश रद्द नहीं होते, वे पूरी जांच प्रक्रिया पर पैनी नजर रखेंगे।
बता दें कि यह पूरा विवाद 22 दिसंबर को सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के बाद शुरू हुआ था, जिसमें डॉक्टर राघव निरूला एक मरीज के साथ मारपीट करते नजर आए थे।
सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए डॉक्टर को टर्मिनेट कर दिया था, जिसके विरोध में रेजिडेंट डॉक्टर लामबंद हो गए थे। अब 3 जनवरी को आरडीए की अगली बैठक होगी, जिसमें जांच की प्रगति और आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी। फिलहाल, डॉक्टरों के काम पर लौटने से प्रदेश के अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं सामान्य हो गई हैं।
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