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पांवटा साहिब में प्रतिबंधित काकड़ शिकार मामला, आरोपी न्यायिक हिरासत में, नेटवर्क की जांच तेज

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन | 8 फ़रवरी 2026 at 1:33 pm

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पांवटा साहिब क्षेत्र में प्रतिबंधित वन्यजीव शिकार मामले में वन विभाग की जांच लगातार जारी है। आरोपी से जुड़े संभावित मांस सप्लाई नेटवर्क की गहराई से पड़ताल की जा रही है।

सिरमौर/पांवटा साहिब

वन विभाग की जांच जारी
जिला सिरमौर के पांवटा साहिब उपमंडल में प्रतिबंधित काकड़ शिकार मामले में वन विभाग लगातार जांच कर रहा है। गिरफ्तार आरोपी को पहले तीन दिन की वन विभाग रिमांड पर रखा गया, जिसके बाद न्यायालय ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया। मामले की जांच की जिम्मेदारी एसीएफ पांवटा साहिब आदित्य शर्मा को सौंपी गई है।

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शिकार के तरीके का खुलासा
जांच में सामने आया है कि आरोपी जंगल में पेड़ पर बैठकर काकड़ का शिकार करता था। गोली मारने के बाद वह मांस को कंबल में लपेटकर साल के पत्तों में छिपाता और फिर घर तक पहुंचाता था। पूछताछ के दौरान आरोपी अभी तक मांस खरीदने वालों के नाम उजागर नहीं कर रहा है।

घर से मिले सबूत
जांच टीम को आरोपी के घर से भार तोलने की मशीन और प्लास्टिक पैकेट भी बरामद हुए हैं। इससे संकेत मिलता है कि वह मांस को पैकेट में पैक कर सप्लाई करता था।

वन्यजीव अधिनियम के तहत मामला दर्ज
वन विभाग ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया था। उसके पास से अनुसूची-1 में शामिल नॉदर्न रेड मुंटजैक का मांस, हथियार और मांस काटने के औजार बरामद किए गए। आरोपी के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

नेटवर्क की पड़ताल पर फोकस
एसीएफ आदित्य शर्मा के अनुसार जांच के दौरान शिकार किए गए काकड़ के शरीर से कारतूस के छर्रे भी मिले हैं। विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि इस अवैध शिकार और मांस सप्लाई से जुड़े अन्य लोग कौन-कौन हैं।

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