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नशा निवारण गतिविधियों में प्रदेश में अव्वल रहा कांगड़ा जिला, सीएम ने किया सम्मानित

डीसी ने टीम भावना से काम को दिया श्रेय, दोहराई नशा मुक्त हिमाचल अभियान को इसी प्रकार गतिमान रखने की प्रतिबद्धता

HNN/ कांगड़ा

कांगड़ा जिला नशा निवारण गतिविधियों के प्रभावी कार्यान्वयन में प्रदेश में अव्वल रहा है। 19 से 25 जून तक चले राज्यव्यापी नशा निवारण कैंपेन में जिले ने सराहनीय कार्य किया है। इसके लिए हिमाचल सरकार ने जिले को पुरस्कार से नवाजा है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 26 जून को नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस के उपलक्ष्य पर शिमला में हुए एक कार्यक्रम में यह पुरस्कार प्रदान किया।

कांगड़ा जिला प्रशासन की ओर से अतिरिक्त उपायुक्त सौरभ जस्सल ने मुख्यमंत्री के हाथों यह पुरस्कार ग्रहण किया। वहीं, इस मौके एनआईसी कक्ष धर्मशाला से जिलाधीश डॉ. निपुण जिंदल, एडीएम रोहित राठौर, जिला कल्याण अधिकारी नरेंद्र जरयाल और जिला पंचायत अधिकारी नीलम कटोच समेत अन्य संबंधित अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम में जुड़े रहे।

इस मौके सभी ने मुख्यमंत्री द्वारा दिलाई नशा मुक्त हिमाचल की शपथ ग्रहण की। इस अवसर पर डॉ. निपुण जिंदल ने कांगड़ा जिले को मिले पुरस्कार का श्रेय टीम भावना से किए काम को दिया और जिले में नशा मुक्त हिमाचल अभियान को आगे भी इसी प्रकार गतिमान रखने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने विशेषकर जिला कल्याण अधिकारी नरेंद्र जरयाल और उनकी पूरी टीम के प्रयासों की सराहना की।

जागरूकता, सुधार और स्वास्थ्य पर ध्यान
डॉ. निपुण जिंदल ने बताया कि कांगड़ा जिले में नशा निवारण पर जागरूकता बढ़ाने के साथ साथ नशे के शिकार लोगों के सुधार तथा उनके पुनर्वास व स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जिले में नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों की मजबूती पर फोकस किया गया है।

साथ ही चरणवार सिविल अस्पतालों में नशा मुक्ति क्लिनिक सेवाएं शुरू की गई हैं। पहले चरण में जिले के 8 स्वास्थ्य संस्थानों में यह सेवाएं दी जा रही हैं। वहां नशा मुक्ति के मामलों को डील करने के लिए प्रशिक्षित चिकित्सक और स्टाफ मौजूद हैं। साथ ही वहां नशा मुक्ति से जुड़ी सभी दवाइयां भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।

कैंपेन को बनाएं जनांदोलन, सबके सहयोग से होंगे सफल
जिलाधीश ने कांगड़ा जिला वासियों से नशा मुक्त हिमाचल अभियान को जनांदोलन बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सबके सहयोग से हम नशे के खिलाफ जारी इस जंग में सफल होंगे। इन प्रयासों में प्रशासन के साथ समाज के हर तबके, हर आयु वर्ग के लोगों की सहभागिता और सक्रिय सहयोग आवश्यक है।

राज्यव्यापी नशा निवारण कैंपेन में यह रही कांगड़ा जिले की उपलब्धि
डॉ. निपुण जिंदल ने बताया कि 19 से 25 जून तक चले राज्यव्यापी नशा निवारण कैंपेन में कांगड़ा जिले में विविध जागरूकता गतिविधियां आयोजित की र्गइं। जिलेभर में शिक्षण संस्थानों, गांवों-पंचायतों में जागरूकता कार्यक्रम किए गए। इनमें पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों, स्वयं सहायता समूहों, सामाजिक संस्थाओं, महिला एवं युवक मंडलों, आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं समेत सभी वर्गों का सहयोग लिया गया।

इसके अलावा नशा निवारण पर स्कूलों में वाद-विवाद, भाषण, नारा लेखन व चित्रकला प्रतियोगिताएं कराई गईं। इस विषय पर युवाओं के साथ साथ अभिभावकों और अध्यापकों के लिए भी सेमिनार और वेबीनार कराए गए, साथ ही नशा मुक्त हिमाचल के संदेश को घर घर पहुंचाने के लिए प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक तथा सोशल मीडिया का पूरा उपयोग किया गया।

वहीं, इस दौरान प्रभात फेरियों और मैराथन के जरिए भी जागरूकता संदेश का प्रचार प्रसार किया गया। युवाओं के लिए अनेक खेल गतिविधियां आयोजित करने के साथ साथ नशा निवारण पर जागरूकता सामग्री वितरित की गई। पंचायतों में स्वास्थ्य जांच कैंप लगाए गए। नुक्कड़ नाटकों के जरिए भी अभियान के संदेश को जन जन तक ले जाने के प्रयास किए गए।

धर्मशाला की गुंजन संस्था को भी पुरस्कार
वहीं, धर्मशाला की गुंजन संस्था को भी नशा निवारण गतिविधियों के प्रभावी संचालन के लिए पुरस्कृत किया गया। गुंजन संस्था के निदेशक संदीप परमार ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के हाथों यह पुरस्कार ग्रहण किया। बता दें, गुंजन संस्था नशा निवारण कार्यक्रमों के संचालन के साथ ही कांगड़ा जिले में नशा निवारण अभियान के कार्यान्वयन में जिला प्रशासन का निरंतर सहयोग करती रही है।


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