किसानों-बागवानों को सताने लगी रोजी-रोटी की चिंता, बह गई नगदी फसलें

ByPRIYANKA THAKUR

Oct 1, 2021

HNN / कुल्लू

हिमाचल प्रदेश में मानसून के छंट जाने के बाद भी बारिश से हो रही तबाही रुकने का नाम नहीं ले रही है। बता दे कि बीते कल दोपहर बाद जिला कुल्लू के रघुपुर घाटी में बादल फटने से भारी तबाही मच गई। हालांकि बादल फटने से आई बाढ़ में किसी तरह के जान-माल का नुक्सान तो नहीं हुआ है लेकिन किसान और बागवानों की मेहनत पर जो पानी फिरा है उसकी भरपाई करना काफी मुश्किल है।

बता दें कि बाढ़ का मलबा लोगों के सेब के बगीचों, मक्की, राजमा व मटर की फसल से लहलहाते खेत-खलिहानों में घुस गया। खड्ड किनारे खेतों को सबसे अधिक नुक्सान पहुंचा है। सेब के छोटे पौधे बाढ़ के मलबे के साथ बह गए हैं। उधर, सड़क टूटने से बागवानों को पीठ पर उठाकर सेब की पेटियों को ढोना पड़ा है। अब मटर व आलू की फसल को मंडियों तक पहुंचाने की चिंता किसानों को सताने लगी है। इसे पहले 22 सितंबर को बादल फटने से किसान-बागवानों को भारी नुक्सान हुआ था।

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