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मौनी अमावस्या पर महाकुंभ का ऐतिहासिक संगम: 10 करोड़ श्रद्धालु संगम में होंगे, जानें सुरक्षा और सुविधा के बारे में जरूरी बातें!

By हिमाचलनाउ डेस्क Published: 29 Jan 2025, 12:12 AM | Updated: 28 Jan 2025, 9:56 PM 1 min read

मौनी अमावस्या के पवित्र अवसर पर आज 29 जनवरी को प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ के दौरान करीब 10 करोड़ श्रद्धालु संगम में अमृत स्नान करने के लिए एकत्र होंगे। अनुमान है कि यह संख्या दुनिया के कई छोटे देशों की आबादी से भी अधिक होगी। इस दिन का महाकुंभ स्नान विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, और इसे लेकर प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा और व्यवस्थाएं की हैं।

प्रयागराज में भारी भीड़, विशेष इंतजाम

महाकुंभ का यह अवसर भारत और दुनिया भर के सनातन धर्मियों के लिए गर्व का विषय है। प्रयागराज के रेलवे स्टेशन, बस अड्डे से लेकर मेला क्षेत्र तक भारी भीड़ जमा है, और हर कोई संगम में डुबकी लगाने की उम्मीद के साथ आगे बढ़ रहा है। मेला प्रशासन के अनुसार, आज के स्नान के लिए 10 करोड़ से ज्यादा लोग संगम पहुंचेंगे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद इस बड़े आयोजन की पल-पल की जानकारी ले रहे हैं, और राज्य प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर पूरी तैयारी की है।

एडवाइजरी जारी, श्रद्धालुओं के लिए खास दिशा-निर्देश

महाकुंभ में मौनी अमावस्या के मौके पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी राजेश द्विवेदी ने बताया कि श्रद्धालुओं को अफवाहों से बचने और सतर्क रहने के लिए कहा गया है। साथ ही आपातकालीन स्थिति में मेला पुलिस, यातायात पुलिस और विशेष डॉक्टरों की टीम 24 घंटे तैनात रहेंगी।

श्रद्धालुओं को क्या करना चाहिए:

  • संगम घाट पर जाने के लिए: श्रद्धालु अपनी निर्धारित लेन में ही जाएं और गंगा स्नान के लिए निर्धारित मार्ग का पालन करें।
  • स्नान के बाद: स्नान और दर्शन के बाद, श्रद्धालु सीधे पार्किंग स्थल की ओर जाएं। यदि वे मंदिरों में दर्शन के लिए जाते हैं, तो अपनी लेन में बने रहें।
  • स्वास्थ्य समस्या: किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या के लिए नजदीकी अस्पताल में जांच कराएं।
  • धैर्य रखें: बैरिकेडिंग और पांटून पुलों पर धैर्य बनाए रखें और बिना धक्का-मुक्की के स्नान करें।

सुरक्षा इंतजाम:

महाकुंभ के दौरान सुरक्षा कड़ी की गई है। मेला क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन की मदद से लोगों की गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है। इसके अलावा, मेला क्षेत्र को नो व्हीकल जोन घोषित कर दिया गया है, ताकि भारी भीड़ के बीच यातायात की समस्या न हो।

विशेष व्यवस्था:

  • ट्रेन यात्रा: 29 जनवरी को विशेष तौर पर 400 ट्रेनें चल रही हैं, जिनमें 170 विशेष ट्रेनें शामिल हैं। कुल मिलाकर, 1,060 ट्रेनें महाकुंभ के दौरान चार दिनों में चलेंगी।
  • यात्री आश्रय स्थल: 1,30,000 यात्री एक साथ आठ स्टेशन के यात्री आश्रय स्थलों में रुक सकेंगे।
  • सफाई कर्मी: 1,000 अतिरिक्त सफाईकर्मी स्टेशन पर और 2,000 सफाईकर्मी ट्रेनों की सफाई में तैनात होंगे।

महाकुंभ की एक झलक:

मौनी अमावस्या का अवसर हर सनातनी के लिए गर्व का विषय है। प्रयागराज में आज से ही मेला क्षेत्र में हर तरफ श्रद्धालुओं का हुजूम है, जो संगम में डुबकी लगाने के लिए तैयार हैं। यह आयोजन न केवल भारत के लिए, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक ऐतिहासिक क्षण होगा।

अंत में, इस पवित्र अवसर पर सभी श्रद्धालुओं से अनुरोध है कि वे व्यवस्थाओं का पालन करें, अफवाहों से बचें, और इस ऐतिहासिक महाकुंभ में पूरी श्रद्धा और सम्मान के साथ शामिल हों।