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माघ गुप्त नवरात्रि 2025 / आज से हुई शुरुआत, जानें घटस्थापना मुहूर्त और पूजन सामग्री की सूची

हिमाचलनाउ डेस्क • 30 Jan 2025 • 1 Min Read

माघ गुप्त नवरात्रि का शुभारंभ

माघ गुप्त नवरात्रि आज, 30 जनवरी 2025 से शुरू हो गई है। यह नवरात्रि साधना और तंत्र क्रियाओं के लिए विशेष मानी जाती है। पूरे साल में चार बार नवरात्रि आती है, जिनमें दो गुप्त नवरात्रि (माघ और आषाढ़) और दो मुख्य नवरात्रि (चैत्र और शारदीय) होती हैं। इस नवरात्रि के दौरान माँ दुर्गा के दस महाविद्याओं की पूजा की जाती है, जिनकी आराधना से साधक विशेष सिद्धियों की प्राप्ति कर सकते हैं।

गुप्त नवरात्रि में पूजित होने वाली 10 महाविद्याएं

इन नौ दिनों में माँ दुर्गा के दस विशिष्ट रूपों की पूजा होती है:

  1. माँ काली
  2. माँ तारा
  3. माँ छिन्नमस्ता
  4. माँ षोडशी
  5. माँ भुवनेश्वरी
  6. माँ त्रिपुर भैरवी
  7. माँ धूमावती
  8. माँ बगलामुखी
  9. माँ मातंगी
  10. माँ कमला

माघ गुप्त नवरात्रि 2025 का समापन

यह विशेष नवरात्रि 7 फरवरी 2025 को संपन्न होगी। इन नौ दिनों में साधक शक्ति उपासना, मंत्र जाप और हवन जैसे धार्मिक कार्य कर सकते हैं, जिससे सकारात्मक ऊर्जा और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।


घटस्थापना (कलश स्थापना) के लिए आवश्यक पूजन सामग्री

कलश स्थापना सामग्री

  • कलश (तांबे, मिट्टी या पीतल का)
  • गंगाजल
  • मौली (कलावा)
  • रोली, अक्षत (चावल)
  • सिक्का
  • गेहूं या जौ
  • आम के पत्ते (5 पत्तों की डली)
  • मिट्टी का बर्तन और शुद्ध मिट्टी
  • मिट्टी पर बिछाने के लिए साफ कपड़ा
  • दीपक (पीतल या मिट्टी का) एवं घी
  • रूई की बत्ती
  • सिंदूर
  • लाल वस्त्र
  • जटा वाला नारियल

देवी माँ के श्रृंगार की सामग्री

  • माँ दुर्गा की प्रतिमा या तस्वीर
  • लाल चुनरी
  • चूड़ी, बिछिया, पायल
  • माला, कान की बाली, नथ
  • सिंदूर, बिंदी, महावर या आलता
  • मेहंदी और काजल
  • इत्र

माघ गुप्त नवरात्रि 2025 घटस्थापना मुहूर्त

  • प्रतिपदा तिथि प्रारंभ – 29 जनवरी, शाम 6:05 बजे
  • प्रतिपदा तिथि समाप्त – 30 जनवरी, शाम 4:10 बजे
  • घटस्थापना का शुभ मुहूर्त – सुबह 9:41 से 10:59 तक
  • अभिजीत मुहूर्त – दोपहर 12:29 से 1:14 तक

आज से शुरू हुई माघ गुप्त नवरात्रि भक्तों के लिए विशेष फलदायी होगी। इस दौरान माँ दुर्गा की आराधना करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। भक्तों को नौ दिनों तक नियमपूर्वक पूजा-अर्चना, मंत्र जाप और हवन करना चाहिए।

🔱 जय माता दी! 🔱

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