19 वर्षों से नियमित होने की बाट जोह रहे आयुर्वेद दैनिक भोगी कर्मचारी

BySAPNA THAKUR

Mar 8, 2022
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HNN/ शिमला

बीते 19 वर्षों से आयुर्वेद विभाग में कार्यरत दैनिक भोगी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रेगुलर होने की बाट जोह रहे हैं। प्रदेश सरकार द्वारा सभी वर्गों को बजट और छठे वेतन आयोग में राहत दी है परंतु आयुर्वेद विभाग में उम्रदराज हो चुके दैनिक भोगी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की ओर सरकार का ध्यान नहीं गया है। सूत्रों के मुताबिक विभाग द्वारा दैनिक भोगी कर्मचारियों के नियमितिकरण की फाईल सरकार को भेजी गई थी परंतु सचिवालय की आयुर्वेद शाखा में यह फाईल बीते कई दिनों से लंबित पड़ी है। जिस बारे कोई कार्यवाही नहीं हो पा रही है।

आयुर्वेदिक दैनिक भोगी कर्मचारी संघ के प्रधान दीपक कुमार और महासचिव कमल ठाकुर ने बताया कि सरकार द्वारा छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप सभी वर्गों को राहत प्रदान की गई है परंतु आयुर्वेद विभाग में करीब 62 दैनिक भोगी कर्मचारियों को सरकार की घोषणाओं में कोई राहत नहीं मिली है। दीपक कुमार का कहना है कि वर्ष 2003 के दौरान प्रदेश के विभिन्न आयुर्वेदिक औषधालय में विभाग अंशकालिक कर्मचारी रखे गए थे जिन्हेें 2013 में दैनिक भोगी बनाया गया था।

इनका कहना है कि संघ के प्रतिनिधि मंडल द्वारा बीते दिनों निदेशक आयुर्वेद से भी भेंट की गई थी। निदेश्क का कहना है कि विभाग में सेवादार के पद रिक्त नहीं है जैसे पद रिक्त होते रहेगें उन्हें चरणबद्ध तरीके नियुक्ति दी जाएगी। प्रधान का तर्क है कि यदि विभाग के पास चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद रिक्त नहीं है। सरकार के निर्देशानुसार ऐसी स्थिति में उन्हें अन्य विभागों में समायोजित किए जाएं।

अधिकांश दैनिक भोगी कर्मचारी उम्रदराज हो चुके हैं और परिवार की जिम्मेवारियां बढ़ रही है और मंहगाई के दौर में कम वेतन मिलने से परिवार का पालन पोषण करना कठिन हो गया है। इनका तर्क है कि सभी दैनिक भोगी कर्मचारी सरकार द्वारा तय मापदंडों को पूरा करते हैं। आयुर्वेंद दैनिक भोगी कर्मचारी संघ ने सरकार से मांग की है कि उनकी नियमितिकरण की मांग पर सहानुभूति विचार किया जाए और अन्य विभागों के दैनिक भोगी कर्मचारियों की भांति उन्हें भी नियमित किया जाए।

उधर, जिला आयुर्वेद अधिकारी शिमला डाॅ पवन जैरथ ने बताया कि यह मामला सरकार के स्तर का है जब सरकार के आदेश के उपरांत ही दैनिक भोगी कर्मचारी नियमित होगें।

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