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16वें वित्तायोग की रिपोर्ट के बाद ही फाइनल होगा हिमाचल का बजट​

Shailesh Saini | 29 दिसंबर 2025 at 9:14 am

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लोकसभा में रिपोर्ट पेश होने का इंतज़ार, फरवरी तक टल सकता है बजट का प्रारूप

शिमला

हिमाचल प्रदेश का आगामी बजट इस बार केंद्र सरकार के 16वें वित्तायोग की रिपोर्ट पर निर्भर करेगा। रिपोर्ट आने के बाद ही राज्य सरकार अपने बजट को अंतिम रूप देगी, जिसके कारण बजट निर्माण की प्रक्रिया में इस बार देरी होने की संभावना है।

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हालांकि वित्तायोग ने अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंप दी है, लेकिन इसे अभी तक लोकसभा में पेश नहीं किया गया है। माना जा रहा है कि केंद्रीय वित्त मंत्रालय वर्तमान में इस रिपोर्ट की बारीकी से समीक्षा कर रहा है, जिसके बाद ही इसे संसद के पटल पर रखा जाएगा।​

रिपोर्ट सार्वजनिक होने तक प्रदेश सरकार बजट की घोषणाओं का प्रारूप तैयार करने के लिए रुकी रहेगी। हिमाचल सरकार को विशेष रूप से अगले पांच वर्षों के लिए मिलने वाले राजस्व घाटा अनुदान (Revenue Deficit Grant) से बड़ी उम्मीदें हैं।

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू इस सिलसिले में वित्तायोग के अध्यक्ष के साथ चार बार मुलाकात कर चुके हैं। सरकार का मानना है कि यदि वित्तायोग की सिफारिशें उम्मीद के मुताबिक नहीं रहती हैं, तो प्रदेश को आर्थिक मोर्चे पर बड़ी जद्दोजहद करनी पड़ सकती है।​

वर्तमान में सुक्खू सरकार के सामने कई वित्तीय चुनौतियां हैं। अगले दो सालों में सरकार को अपनी पुरानी घोषणाओं और चुनाव से पहले दी गई मुख्य गारंटियों को पूरा करना है। इनमें महिलाओं को 1500 रुपये प्रति माह सम्मान राशि और 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने जैसी बड़ी योजनाएं शामिल हैं।

इसके साथ ही, ओपीएस लागू करने की एवज में केंद्र से मिलने वाली मदद में हर साल हो रही 1600 करोड़ रुपये की कटौती और ऋण उठाने की सीमित सीमा ने भी सरकार की मुश्किलें बढ़ाई हैं।​इस अनिश्चितता का असर प्रशासनिक स्तर पर भी दिखने लगा है।

बजट में देरी के चलते विधायकों के साथ होने वाली ‘विधायक प्राथमिकता योजनाओं’ की बैठकें अब जनवरी के अंत या फरवरी तक टल सकती हैं। फिलहाल विभागाध्यक्षों के साथ होने वाली बैठकों का शेड्यूल भी जारी नहीं हो पाया है।

राज्य सरकार अब पूरी तरह से फरवरी महीने पर टिकी है, जब वित्तायोग की रिपोर्ट के आधार पर व्यवस्था परिवर्तन और विकास योजनाओं को नया आकार दिया जा सकेगा।

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