फेस रिकॉग्निशन से सत्यापन, सहारा योजना में लोकल ऑडिट और जिला स्तरीय कमेटी
शिमला
हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार के द्वारा दिया गया नारा व्यवस्था परिवर्तन अब जमीनी स्तर पर नजर आना शुरू हो गया है। इसी कवायद के तहत व्यवस्था में परिवर्तन करते हुए हिम केयर और मुख्यमंत्री सहारा योजना में बड़ा बदलाव किया गया है।
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें: Join WhatsApp Group
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हिम केयर और सहारा योजना की समीक्षा बैठक के दौरान कहा कि हिम केयर योजना के तहत अब सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में प्राइवेट वार्ड में भी इलाज की सुविधा दी जाएगी।
इससे योजना के लाभार्थियों को बेहतर और सम्मानजनक स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि हिम केयर योजना के अंतर्गत पंजीकरण के समय लाभार्थियों का सत्यापन फेस रिकॉग्निशन तकनीक के आधार पर किया जाएगा।
इससे फर्जी लाभार्थियों पर रोक लगेगी और पात्र लोगों तक ही योजना का लाभ पहुंचेगा।मुख्यमंत्री सहारा योजना को लेकर भी अहम निर्णय लिए गए हैं। योजना के तहत लोकल ऑडिट करवाने के निर्देश दिए गए हैं।
पात्र लाभार्थियों के सत्यापन के लिए जिला स्तर पर तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया जाएगा।मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सहारा योजना के सभी लाभार्थियों को हिम परिवार पोर्टल से जोड़ा जाए, ताकि डाटा एकीकृत हो और योजनाओं की निगरानी अधिक प्रभावी ढंग से की जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिम केयर योजना के डाटा का विश्लेषण कर प्रदेश में बीमारियों की स्थिति का आकलन किया जाएगा और उसी आधार पर स्वास्थ्य क्षेत्र में नीतिगत फैसले लिए जाएंगे।
इसके साथ ही उन्होंने हिम केयर योजना के तहत निजी अस्पतालों की लंबित देय राशि का भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार गोकुल बुटेल, अतिरिक्त मुख्य सचिव केके पंत, सचिव स्वास्थ्य प्रियंका बासु इंग्टी और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
📢 लेटेस्ट न्यूज़
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें
ताज़ा खबरों और अपडेट्स के लिए अभी हमारे WhatsApp ग्रुप का हिस्सा बनें!
Join WhatsApp Group





