हिमाचल में शनिवार शाम को द्राबिल में होगा छत्रधारी चालदा महासू महाराज का पहला पड़ाव
नाहन :
उत्तराखंड से हिमाचल की यात्रा पर आ रहे छात्रधारी चालदा महासू महाराज का हिमाचल में पहला पड़ाव जिला सिरमौर के द्राबिल में होगा। जिसके लिए पुलिस प्रशासन तथा मंदिर कमेटी ने सभी तैयारियां पूरी कर ली है। इसके साथ ही पुलिस ने ट्रैफिक प्लान रूट भी जारी कर दिया है।
शनिवार को छत्रधारी चालदा महासू महाराज का पहली बार टौंस नदी को पार कर मीनस में उत्तराखंड से हिमाचल प्रदेश में प्रवेश करेंगे। मिनस से पैदल यात्रा करते हुए द्राबिल पंहुचेगें, जहां पहला पड़ाव होगा। यहां पर 50 हजार लोगों के ठहरने व भंडारे की व्यवस्था शिलाई विधानसभा क्षेत्र के लोगों द्वारा की गई है। रविवार को द्राबिल से गांव पश्मी के लिए महाराज प्रवास करेगें।
जिला सिरमौर के पुलिस अधीक्षक निश्चित सिंह नेगी ने ट्रैफिक प्लान के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इस पैदल यात्रा के दौरान करीब 50 हजार श्रदालु महासू महाराज की पालकी के साथ पैदल आएगे। जिस कारण एनएच 707 मीनस से लेकर शिलाई तक ट्रेफिक जाम की समस्या पैदा हो सकती है।
इन परिस्तिथियों के मध्यनजर रखते हुए जिला शिमला के नेरवा, चौपाल व रोहड़ू तथा उतराखण्ड के त्यूनी इत्यादि से शिलाई, पांवटा साहिब, चण्डीगढ, यमुनानगर व देहरादून जाने वाले वाहन मीनस से होकर क्वानू, कोटी, विकासनगर (उतराखण्ड) चयनित वैकल्पिक मार्ग
का उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं।
वही पांवटा साहिब से रोनहाट, रोहडू, जुब्बल, त्यूनी इत्यादि की ओर जाने वाले वाहन विकासनगर, कवानू होते हुए मीनस चयनित वैकल्पिक मार्ग का ही उपयोग करें ताकि कानून व्यवस्था एंव यातायात व्यवस्था सुचारु रुप से चलती रहें।