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बीपीएल सूची से किसी का नाम नहीं कटा, सिर्फ सर्वे के तहत डाटा जुटाया जा रहा : मुख्यमंत्री

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प्रदेश में बीपीएल सूची को लेकर फैल रही अफवाहों पर मुख्यमंत्री ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि अभी केवल सर्वे के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों का डाटा एकत्र किया जा रहा है।

हमीरपुर/नादौन

बीपीएल नाम कटने की अफवाहों पर मुख्यमंत्री का स्पष्टीकरण
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश की किसी भी पंचायत में बीपीएल परिवारों का नाम अभी नहीं काटा गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान में केवल सर्वे किया जा रहा है, जिसके तहत ऐसे गरीब और जरूरतमंद परिवारों की पहचान की जा रही है, जिन्हें अभी तक किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल पाया है।

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पहले चरण में चल रहा है अध्ययन कार्य
मुख्यमंत्री ने बताया कि यह प्रक्रिया प्रथम चरण में अध्ययन तक सीमित है। सर्वे का उद्देश्य यह जानना है कि वास्तव में कौन से परिवार बीपीएल श्रेणी में आने चाहिए, ताकि योजनाओं का लाभ सही पात्रों तक पहुंच सके। अभी किसी भी परिवार को बीपीएल सूची से हटाने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है।

एसडीएम और बीडीओ कर रहे हैं सत्यापन
मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशभर की पंचायतों में बीपीएल परिवारों को विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल रहा है। एसडीएम और बीडीओ के माध्यम से इन परिवारों का सत्यापन किया जा रहा है कि वे बीपीएल मानदंडों पर खरे उतरते हैं या नहीं।

बीजेपी के आरोपों पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने बीपीएल सूची को लेकर भाजपा नेताओं द्वारा दिए गए बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस तरह की बातें लोगों को भ्रमित करने वाली हैं। उन्होंने पूर्व भाजपा सरकार के जनमंच कार्यक्रमों पर भी सवाल उठाए और कहा कि इन कार्यक्रमों पर करीब 50 करोड़ रुपये खर्च किए गए, जहां अधिकारियों को सार्वजनिक रूप से डांटा और अपमानित किया गया।

केंद्र सरकार पर मनरेगा को कमजोर करने का आरोप
केंद्र सरकार की नीतियों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मनरेगा योजना की मूल भावना को खत्म किया जा रहा है। पहले पंचायतों की मांग के अनुसार काम तय होते थे, लेकिन अब केंद्र सरकार द्वारा काम चिन्हित किए जा रहे हैं, जिससे तालाब और रास्तों जैसे कार्यों की संभावनाएं कम हो गई हैं।

मनरेगा खर्च में बदलाव पर नाराजगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले मनरेगा का पूरा खर्च केंद्र सरकार वहन करती थी, लेकिन अब 10 प्रतिशत खर्च प्रदेश सरकार को उठाना होगा। इसके साथ ही योजना का पूरा नियंत्रण केंद्र सरकार के हाथ में रहेगा, जिसका प्रदेश सरकार विरोध कर रही है।

जनता की अदालत में जाएगी सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा के प्रदेश सांसदों को इस मुद्दे पर आवाज उठानी चाहिए। प्रदेश सरकार केंद्र सरकार की इन नीतियों के खिलाफ जनता की अदालत में जाएगी और लोगों को सच्चाई से अवगत करवाएगी।

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