नाहन
पंजाब नेशनल बैंक से जुड़े चेक बाउंस मामले में दोषी विजय कुमार को सेशन कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है। माननीय सेशन जज योगेश जसवाल की अदालत ने आरोपी की आपराधिक अपील खारिज करते हुए निचली अदालत द्वारा सुनाई गई सजा और मुआवजे के आदेश को बरकरार रखा है।
अदालत ने कहा कि आरोपी द्वारा चेक पर हस्ताक्षर स्वीकार किए जाने के बाद यह कानूनन माना जाएगा कि चेक वैध देनदारी के भुगतान के लिए जारी किया गया था। केवल इसे “सिक्योरिटी चेक” बताना पर्याप्त नहीं है, जब तक इसके समर्थन में ठोस साक्ष्य प्रस्तुत न किए जाएं।
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मामले के अनुसार आरोपी ने पंजाब नेशनल बैंक से केसीसी ऋण लिया था। ऋण अदायगी में चूक के बाद बैंक को दिए गए चेक के बाउंस होने पर कानूनी नोटिस जारी किया गया, लेकिन भुगतान न होने पर मामला अदालत पहुंचा।
निचली अदालत ने आरोपी को एक वर्ष के साधारण कारावास और 1.50 लाख रुपये मुआवजा अदा करने की सजा सुनाई थी।सेशन कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि निचली अदालत का फैसला कानून और तथ्यों के अनुरूप है और अपील में हस्तक्षेप का कोई आधार नहीं बनता। इसके साथ ही आरोपी की अपील खारिज कर दी गई।
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