बिना कोचिंग HPAS पास कर धारटीधार की बेटी बनी तहसीलदार, सिरमौर में खुशी की लहर
नाहन :
दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र धारटीधार से निकलकर मैत्रेयी भारद्वाज ने वह मुकाम हासिल किया है, जो वर्षों की मेहनत, अनुशासन और संकल्प का परिणाम है। कांडो बाईला गांव की रहने वाली मैत्रेयी ने हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा (HPAS) परीक्षा उत्तीर्ण कर तहसीलदार का पद प्राप्त किया है।
उनकी इस उपलब्धि ने पूरे जिला सिरमौर को गौरवांवित किया है और क्षेत्र की बेटियों के लिए एक नई दिशा दिखाई है।
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मैत्रेयी भारद्वाज को धारटीधार क्षेत्र की पहली बेटी माना जा रहा है, जिसने HPAS जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता हासिल कर प्रशासनिक सेवा में स्थान बनाया है।
खास बात यह है कि उन्होंने यह सफलता बिना किसी कोचिंग के, पूरी तरह आत्म-अध्ययन और निरंतर परिश्रम के बल पर प्राप्त की है। उनकी यह उपलब्धि यह संदेश देती है कि सीमित संसाधन भी बड़े सपनों के आड़े नहीं आते।
मैत्रेयी की शैक्षणिक यात्रा भी उतनी ही प्रेरणादायक रही है। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा डीएवी स्कूल नाहन से प्राप्त की। इसके बाद जवाहर नवोदय विद्यालय नाहन में अध्ययन कर प्रतिस्पर्धा और अनुशासन की मजबूत नींव रखी।
उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय नाहन से बीएससी (B.Sc) की पढ़ाई पूरी की और फिर प्रशासनिक सेवाओं को लक्ष्य बनाकर कठिन परिश्रम शुरू किया।
ताऊजी का सपना, भतीजी की मेहनत से हुआ साकार
मैत्रेयी एक शिक्षित और सुसंस्कारित परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके पिता रमेश भारद्वाज पशुपालन विभाग से सेवानिवृत्त अधिकारी हैं, जबकि माता सुमन भारद्वाज गृहिणी हैं।
उनके बड़े भाई सिद्धार्थ भारद्वाज वर्तमान में वन विभाग में वनरक्षक के पद पर कार्यरत हैं। परिवार का सहयोग और अनुशासन उनकी सफलता की मजबूत नींव रहा।
उनकी सफलता के पीछे उनके ताऊ जगमोहन भारद्वाज का विशेष मार्गदर्शन रहा, जिनका सपना स्वयं प्रशासनिक सेवा में जाने का था। मैत्रेयी ने उस अधूरे सपने को अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प से साकार कर दिखाया।
पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने खेलों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और शतरंज व बास्केटबॉल में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेकर अपनी बहुआयामी प्रतिभा का परिचय दिया।
विधायक अजय सोलंकी ने दी बधाई, बताया क्षेत्र की बेटियों के लिए प्रेरणा

धारटीधार क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाले स्थानीय विधायक अजय सोलंकी ने मैत्रेयी भारद्वाज को उनकी इस उपलब्धि पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि पहाड़ी और ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाली बेटी द्वारा बिना कोचिंग HPAS जैसी कठिन परीक्षा पास करना पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है।
विधायक ने कहा कि मैत्रेयी की सफलता यह साबित करती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदार हो, तो किसी भी मुकाम तक पहुंचा जा सकता है। उन्होंने इसे क्षेत्र की बेटियों और युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
मैत्रेयी ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी कड़ी मेहनत, माता-पिता के आशीर्वाद, परिवार के मार्गदर्शन और भाइयों के सहयोग को दिया है। उनकी सफलता की खबर मिलते ही गांव और पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। बधाई देने वालों का उनके घर पर लगातार तांता लगा हुआ है।
उल्लेखनीय है कि मैत्रेयी भारद्वाज ने HPAS परीक्षा में ओबीसी वर्ग से 22वां स्थान प्राप्त कर तहसीलदार पद हासिल किया है। उनकी यह उपलब्धि साबित करती है कि पहाड़ की बेटियां भी प्रशासनिक व्यवस्था की मजबूत कड़ी बन सकती हैं।
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