नाहन में सड़कों पर उतरे एसडीएम, अतिक्रमण से पार्किंग तक हर व्यवस्था की जांच
बाजार में अव्यवस्था पर सख्ती, कबाड़ दुकानों को एक दिन की मोहलत
नाहन |
जिला मुख्यालय नाहन में बिगड़ती शहरी व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए मंगलवार को एसडीएम नाहन राजीव सांख्यान स्वयं सड़कों पर उतरे। उन्होंने शहर का पैदल भ्रमण कर बाजार, सड़कों, सफाई व्यवस्था, पार्किंग और अतिक्रमण की स्थिति का मौके पर निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान आरटीओ सिरमौर सोना चंदेल, नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी अजय गर्ग, सफाई निरीक्षक सुलेमान खान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान नाहन बाजार में सड़कों और रास्तों पर अतिक्रमण कर सामान फैलाने वाले दुकानदारों को एसडीएम ने सख्त चेतावनी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोबारा सड़क पर सामान रखे जाने पर उसे जब्त कर नगर परिषद के हवाले किया जाएगा।
मौके पर ही नगर परिषद अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए गए।सब्जी विक्रेताओं को वैकल्पिक स्थान पर शिफ्ट करने और स्ट्रीट फूड विक्रेताओं के लिए शहर में एक निर्धारित क्षेत्र चयनित करने को लेकर भी मौके पर चर्चा की गई।
एसडीएम ने कहा कि बिना व्यवस्था के सड़कों पर कारोबार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।पार्किंग व्यवस्था को लेकर एसडीएम ने शहर में नए पार्किंग स्थलों की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही पहले से संचालित पार्किंग स्थलों का भी निरीक्षण किया गया। दिल्ली गेट से गोविंदगढ़ मोहल्ला की ओर जाते समय एमसी कॉम्प्लेक्स के नीचे सड़क पर सामान फैलाकर कबाड़ की दुकानें चला रहे स्क्रैब कारोबारियों पर एसडीएम ने कड़ी नाराजगी जताई।
सड़क पर अतिक्रमण पाए जाने पर स्क्रैब कारोबारियों को फटकार लगाई गई और एक दिन के भीतर सामान हटाने के निर्देश दिए गए। साथ ही नगर परिषद अधिकारियों को कहा गया कि यदि तय समय में सड़क से कबाड़ नहीं हटाया गया तो नगर परिषद की गाड़ी के माध्यम से सामान जब्त किया जाए।
एसडीएम नाहन राजीव सांख्यान ने बताया कि शहर की व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि करीब 20 दिन पहले शहरवासियों से सुझाव आमंत्रित किए गए थे, जिनके आधार पर यह तय किया जा रहा है कि किन क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है,
कहां पार्किंग विकसित की जा सकती है और किन इलाकों में सफाई व्यवस्था को और मजबूत करना होगा।उन्होंने कहा कि निरीक्षण के बाद एक विस्तृत योजना तैयार कर उपायुक्त सिरमौर को सौंपी जाएगी और उसे अधिसूचित कर चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।