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नाहन में जायका परियोजना का जिला स्तरीय किसान मेला आयोजित, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा

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नाहन में आयोजित जिला स्तरीय किसान मेले में प्राकृतिक खेती, फसल विविधीकरण और किसानों की आय बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। जायका वित्तपोषित योजना के तहत चार जिलों के हजारों किसान इस पहल से जुड़ रहे हैं।

सिरमौर/नाहन

किसान मेले का आयोजन और उद्देश्य
जिला मुख्यालय नाहन में रविवार को कृषि विभाग हिमाचल प्रदेश के तत्वावधान में जिला परियोजना प्रबंधन इकाई सोलन द्वारा जिला स्तरीय किसान मेले का आयोजन किया गया। किसान भवन नाहन में आयोजित यह मेला फसल विविधीकरण प्रोत्साहन योजना चरण-दो के तहत जायका वित्तपोषित परियोजना का हिस्सा रहा।

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प्रदर्शनी का अवलोकन और किसानों से संवाद
किसान मेले के शुभारंभ से पहले डीसी सिरमौर प्रियंका वर्मा ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में जिले भर के किसानों ने प्राकृतिक खेती से तैयार अपने उत्पाद प्रस्तुत किए। डीसी सिरमौर ने किसानों से संवाद किया, उनके प्रयासों की सराहना की और प्राकृतिक खेती को भविष्य की आवश्यकता बताया, जिससे किसानों का मनोबल बढ़ा।

औपचारिक शुभारंभ और सम्मान
इसके बाद डीसी सिरमौर प्रियंका वर्मा ने दीप प्रज्वलित कर किसान मेले का औपचारिक शुभारंभ किया। इस अवसर पर जिला परियोजना प्रबंधक राजेंद्र सिंह ठाकुर ने डीसी सिरमौर को शॉल और टोपी पहनाकर सम्मानित किया।

जायका योजना के लाभार्थी किसान
डीसी सिरमौर प्रियंका वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि जायका वित्तपोषित योजना के तहत प्रदेश के चार जिलों में कुल चार हजार किसानों को शामिल किया गया है। इनमें से दो हजार किसान अकेले जिला सिरमौर से हैं। उन्होंने कहा कि किसान मेले किसानों को योजनाओं से जोड़ने का सशक्त माध्यम बन रहे हैं।

परियोजना के अंतर्गत जिले और योजनाएं
डिस्ट्रिक्ट प्रोजेक्ट मैनेजर राजेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि जायका परियोजना में सोलन, रामपुर, सिरमौर और किन्नौर जिले शामिल हैं। परियोजना के तहत कुल 58 योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनमें से 17 योजनाएं जिला सिरमौर में लागू की गई हैं।

सिरमौर में कृषि विकास पर फोकस
राजेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि सिरमौर जिले में सिंचाई, फसल उत्पादन, पोस्ट हार्वेस्टिंग तकनीक और मार्केटिंग से जुड़ी योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना है, साथ ही युवाओं को खेती से जोड़ना भी प्राथमिकता में शामिल है।

प्राकृतिक उत्पादों की आकर्षक प्रदर्शनी
किसान मेले में सिरमौर और सोलन जिला, विशेषकर कुनिहार क्षेत्र के किसानों द्वारा प्राकृतिक खेती से तैयार उत्पादों की आकर्षक प्रदर्शनियां लगाई गईं। प्राकृतिक तरीके से उगाई गई दालें, फल और सब्जियां लोगों के आकर्षण का केंद्र रहीं और प्रदर्शनी को दर्शकों ने खूब सराहा।

किसानों की भागीदारी और तकनीकी मार्गदर्शन
मेले में सिरमौर और सोलन जिले के 500 से अधिक किसानों ने भाग लिया। कृषि विभाग के अधिकारी और तकनीकी विशेषज्ञ मौके पर मौजूद रहे और किसानों को प्राकृतिक खेती, सिंचाई संसाधन, आधुनिक तकनीक और विपणन से जुड़ी जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारी
कार्यक्रम में परियोजना मुख्य प्रबंधक डॉ राजेंद्र सिंह ठाकुर, जिला कृषि उपनिदेशक डॉ राजकुमार, आत्मा परियोजना के निदेशक साहिब सिंह, ब्लॉक प्रोजेक्ट मैनेजर पवन कुमार, ब्लॉक प्रोजेक्ट मैनेजर सोलन युवराज, ब्लॉक प्रोजेक्ट मैनेजर रामपुर बुशहर जितेंद्र कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

प्राकृतिक खेती का संदेश
नाहन में आयोजित किसान मेले ने यह साफ संदेश दिया कि प्राकृतिक खेती न केवल पर्यावरण के लिए सुरक्षित है, बल्कि किसानों के लिए स्थायी और लाभकारी आजीविका का मजबूत आधार भी बन रही है।

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