सिरमौर के युवाओं ने दिखाया कि खुशी भी सेवा का माध्यम बन सकती है
नाहन
आज के दौर में जब जन्मदिन मनाने का मतलब अक्सर महंगे केक, पार्टियां और दिखावा बनकर रह गया है, वहीं सिरमौर जिला के नाहन विधानसभा क्षेत्र के बर्मा पापड़ी गांव के युवाओं ने समाज के सामने इंसानियत और सच्ची दोस्ती की एक प्रेरणादायक मिसाल पेश की है।
इन युवाओं ने अपने मित्र के जन्मदिन को फिजूलखर्ची नहीं, बल्कि मानव जीवन बचाने से जोड़ते हुए एक सकारात्मक संदेश दिया है।
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मंगलवार को बर्मा पापड़ी गांव निवासी रवि चौहान का 32वां जन्मदिन था। इस अवसर पर उनके भाई और मित्रों ने पारंपरिक जश्न मनाने की बजाय मेडिकल कॉलेज नाहन के ब्लड बैंक पहुंचकर सामूहिक रूप से रक्तदान किया और इस दिन को यादगार बना दिया।
यह पहला मौका रहा जब पूरे मित्र समूह ने एक साथ रक्तदान कर जन्मदिन को समाजसेवा से जोड़ा।
रक्तदान करने वालों में अधिकांश युवक बर्मा पापड़ी गांव के निवासी हैं, जबकि एक मित्र जिला मंडी से हैं, जो वर्तमान में बर्मा पापड़ी में लाइनमैन के पद पर कार्यरत हैं। रवि चौहान को उनके मित्र आरडीएक्स के नाम से भी जानते हैं।
रवि चौहान के जन्मदिन को खास बनाते हुए कालाअंब में पंप ऑपरेटर के पद पर कार्यरत तनुज चौहान, उनके भाई नरेश चौहान, जिला मंडी निवासी कुलदीप, बिजली बोर्ड में लाइनमैन के रूप में सेवाएं दे रहे नितिन पंवार ने रक्तदान किया।
इसके अलावा जिला सोलन के गांधीग्राम से पॉलीटेक्निक की पढ़ाई कर रहे बर्मा पापड़ी निवासी विकास, चंडीगढ़ में अपना कारोबार कर रहे पिंकू तथा वन विभाग में तैनात सुनील भाटिया ने भी इस पुनीत कार्य में भाग लिया।
रक्तदान के बाद युवाओं ने एक स्वर में कहा कि खुशी के अवसर केवल निजी जश्न तक सीमित नहीं होने चाहिए, बल्कि समाज के लिए कुछ अच्छा करने का अवसर भी बन सकते हैं। उनका यह प्रयास यह संदेश देता है कि छोटे-छोटे कदम भी किसी जरूरतमंद के लिए जीवनदायिनी साबित हो सकते हैं।
तनुज चौहान ने बताया कि सभी मित्र पहले भी रक्तदान कर चुके हैं, लेकिन रवि चौहान के जन्मदिन पर पहली बार पूरे मित्र समूह ने एक साथ रक्तदान किया। उन्होंने कहा कि उनका यह समूह केवल रक्तदान तक सीमित नहीं है, बल्कि वे अपने निजी खर्च पर पालतू जानवरों के इलाज में भी लगातार सहयोग करते आ रहे हैं।
ड्रॉप्स ऑफ होप सोसायटी के संचालक ईशान राव ने कहा कि इन युवाओं ने रक्तदान कर सच्ची दोस्ती और सामाजिक जिम्मेदारी की मिसाल पेश की है। उन्होंने बताया कि ये सभी युवक सोसायटी के सक्रिय सदस्य हैं और जरूरत पड़ने पर हमेशा रक्तदान के लिए आगे रहते हैं।
जब समाज में उत्सव और जन्मदिन दिखावे की भेंट चढ़ते जा रहे हैं, ऐसे समय में बर्मा पापड़ी गांव के इन युवाओं का यह कदम न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि आने वाली पीढ़ी को यह सोचने पर मजबूर करता है कि खुशियां मनाने का सबसे सुंदर तरीका किसी के जीवन को बचाना भी हो सकता है।
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