हिमाचल समेत पहाड़ी राज्यों में पहले पूरी होगी प्रक्रिया, अप्रैल 2026 से शुरू होगा पहला चरण
शिमला:
शिमलाहिमाचल प्रदेश में आगामी जनगणना को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज हो गई हैं। केंद्र सरकार के निर्देशों के बाद पहली जनवरी से प्रदेश की सभी प्रशासनिक सीमाएं फ्रीज कर दी जाएंगी।
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जनगणना प्रक्रिया पूरी होने तक सीमाओं के इस फ्रीज को लागू रखा जाएगा। इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है, ताकि गणना के दौरान किसी भी नए ब्लॉक, नगर निगम (MC), नगर परिषद, नगर पंचायत, जिला या वार्ड का गठन न हो सके।
इस कदम का मुख्य उद्देश्य जनगणना के दौरान सटीक और स्पष्ट आंकड़े जुटाना है।दो चरणों में पूरी होगी गणना प्रक्रियासरकार द्वारा जारी योजना के अनुसार, जनगणना का कार्य दो मुख्य चरणों में संपन्न किया जाएगा:पहला चरण (अप्रैल से सितंबर 2026): इस दौरान मकान सूचीकरण और आवास जनगणना का फील्ड कार्य किया जाएगा।
इसमें प्रदेश के घरों और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी विस्तृत जानकारी एकत्र की जाएगी।दूसरा चरण (फरवरी 2027): इस चरण में वास्तविक जनसंख्या गणना होगी, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति से संबंधित सामाजिक और आर्थिक आंकड़े जुटाए जाएंगे।
पहाड़ी राज्यों में समय से पहले शुरू होगा काम
केंद्र सरकार ने विशेष भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए लद्दाख, जम्मू-कश्मीर के दुर्गम क्षेत्रों, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बर्फीले इलाकों में जनसंख्या गणना का कार्य पहले पूरा करने का निर्णय लिया है।
सितंबर 2026 तक इन क्षेत्रों में प्रक्रिया को गति दी जाएगी ताकि सर्दियों के मौसम और बर्फबारी के कारण काम में कोई बाधा न आए।अधिसूचना जारी, फेरबदल पर रहेगी रोकराज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि पहली जनवरी के बाद न तो कोई नई प्रशासनिक इकाई बनाई जाएगी और न ही मौजूदा सीमाओं में कोई बदलाव किया जाएगा।
सामान्य प्रशासन विभाग इस पूरी प्रक्रिया को लेकर जागरूकता फैलाने और समन्वय स्थापित करने में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। जनगणना के सफल संचालन के लिए सभी जिलों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
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