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चिट्टा केस में सीज कार 10 लाख के बांड पर रिलीज, मगर आरोपी को राहत नहीं

Shailesh Saini | 9 जनवरी 2026 at 6:01 am

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सुप्रीम कोर्ट के पूर्व निर्णय का दिया क्या था हवाला क्या है पूरा मामला पढ़ें पूरी खबर

नाहन

चिट्टा तस्करी से जुड़े मामले में भले ही कोर्ट ने सीज की गई कार को सुपुर्दगी पर रिहा करने का आदेश दिया हो, लेकिन आरोपी को किसी भी तरह की राहत नहीं मिली है।

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नाहन स्थित विशेष न्यायाधीश-II गौरव महाजन की अदालत ने साफ किया है कि वाहन की रिहाई का अर्थ आरोपी के खिलाफ चल रही कार्रवाई में ढील नहीं माना जाएगा।

मामला 30 जनवरी 2025 का है, जब नाहन पुलिस को गुप्त सूचना के आधार पर सर्किट हाउस नाहन के मुख्य द्वार के बाहर खड़ी एक कार से चिट्टा बरामद हुआ था।

पुलिस जांच में वाहन के डैशबोर्ड से 8.33 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया, जिसे एनडीपीएस एक्ट के तहत इंटरमीडिएट क्वांटिटी माना गया। मौके से वाहन को सीज कर लिया गया था और आरोपी चेतन दास के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।

जांच के दौरान सामने आया कि कार हरियाणा नंबर की है और उसकी पंजीकृत मालकिन आरोपी की पत्नी अंजलि देवी हैं। इसके बाद वाहन की रिहाई को लेकर अदालत में आवेदन दाखिल किया गया।

अदालत ने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के पूर्व निर्णयों का हवाला देते हुए कहा कि लंबे समय तक वाहन को थाने में खड़ा रखना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है, क्योंकि इससे वाहन के खराब होने की आशंका रहती है।

हालांकि, अदालत ने वाहन को सीधे तौर पर छोड़ने के बजाय कड़ी शर्तों के साथ सुपुर्दगी पर रिहा करने का आदेश दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह कार 10 लाख रुपये के बांड और उतनी ही राशि के एक जमानती पर रिहा होगी।

साथ ही शर्त लगाई गई कि वाहन का किसी भी तरह से दोबारा किसी अपराध, विशेषकर एनडीपीएस एक्ट से जुड़े मामले में इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।

कोर्ट ने यह भी साफ किया कि यदि भविष्य में वाहन के दुरुपयोग या एनडीपीएस एक्ट के तहत दोष सिद्ध होता है, तो कार की जब्ती की कार्रवाई की जा सकती है और वाहन की बाजार कीमत राज्य को जमा करवानी होगी।

इसके अलावा वाहन का बीमा दो सप्ताह के भीतर करवाना, ट्रायल के दौरान जब भी आदेश हो वाहन पेश करना और उसकी स्थिति में कोई बदलाव न करना अनिवार्य किया गया है।

अदालत ने अपने आदेश में दो टूक कहा कि वाहन की रिहाई का यह आदेश आरोपी को किसी भी तरह की कानूनी राहत नहीं देता और चिट्टा तस्करी से जुड़े मामले में जांच व ट्रायल अपने तय कानूनन रास्ते पर आगे बढ़ेगा।

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