Loading...

कर्मचारी नेताओं के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव पर 15 दिन में रिपोर्ट तलब

PARUL 13 Sep 2024 Edited 13 Sep 1 min read

HNN/शिमला

हिमाचल प्रदेश विधानसभा सचिवालय ने राज्य सचिवालय के कर्मचारी नेताओं के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव पर पंद्रह दिनों के अंदर रिपोर्ट तलब की है। यह कार्रवाई तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी की ओर से दिए गए विशेषाधिकार हनन के प्रस्ताव पर की गई है। राज्य विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया के पास राजेश धर्माणी की विशेषाधिकार हनन की शिकायत के बाद राज्य सचिवालय प्रशासन के सचिव को इस संबंध में एक चिट्ठी भेजी गई है। इसके साथ धर्माणी की ओर से दिए गए प्रस्ताव की प्रति भी संलग्न की गई है।

यह जांच रिपोर्ट विधानसभा अध्यक्ष को सौंपी जाएगी, वही इस पर अगला निर्णय लेंगे। विधानसभा सचिव यशपाल शर्मा की ओर से सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव को एक पत्र लिखा गया है। इसमें नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री से प्राप्त एक प्रस्ताव पर संजीव शर्मा और अन्य सचिवालय कर्मचारी संघों के पदाधिकारियों से जवाब मांगा गया है। सचिव ने यह कार्रवाई विधानसभा अध्यक्ष के निर्देश पर की है। इस मामले में सचिवलाय प्रशासन से विभागीय जांच-पड़ताल करवाकर इसकी विस्तृत जांच रिपोर्ट विधानसभा सचिवालय को 15 दिन में भेजने को कहा है। उसके बाद यह विषय विधानसभा अध्यक्ष के ध्यान में लाया जाएगा।

उधर, इस कार्रवाई के बाद हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवाएं महासंघ की बैठक वीरवार को अध्यक्ष संजीव शर्मा की अध्यक्षता में हुई। निर्णय लिया गया कि अब आम सभा को महासभा का रूप दिया जाएगा, जो 17 सितंबर को दोपहर 1ः30 बजे होगी। सभा ने मात्र अपने हकों की बात की थी, जिसे प्रशासन इस प्रकार के हथकंडों के माध्यम से कुचलना चाहता है। महासचिव कमल कृष्ण शर्मा ने कहा कि सभा के पदाधिकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री तो कर्मचारी हितैषी हैं, किंतु कुछ शरारती तत्व मुख्यमंत्री और कर्मचारियों के बीच दुष्प्रचार करने में लगे हैं, जिस कारण कर्मचारियों के प्रति सरकार उदासीन रवैया अपना रही है। सचिवालय अधिकारियों तथा कर्मचारियों ने विधानसभा के दौरान पूर्ण निष्ठा एवं ईमानदारी से काम किया है।

Related Topics: