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उत्तराखंड कांग्रेस की गुटबाजी पर शैलजा का ‘डैमेज कंट्रोल’

By Shailesh Saini Published: 6 Dec 2025, 9:54 PM | Updated: 6 Dec 2025, 9:54 PM 1 min read

बोलीं: हरीश रावत कांग्रेस के ‘सिरमौर’, उपेक्षा का सवाल ही नहीं

देहरादून

उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता धीरेंद्र प्रताप ने आज नई दिल्ली में पार्टी की राज्य प्रभारी शैलजा से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच उत्तराखंड के राजनीतिक हालात और प्रदेश कांग्रेस से जुड़े विभिन्न मसलों पर लंबी बातचीत हुई।

​यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब पिछले दिनों उत्तराखंड के पांच नए पदाधिकारियों की कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से हुई मुलाकात के बाद यह चर्चा तेज हो गई थी कि पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की कथित रूप से अनदेखी की जा रही है।​

फोटो शूट था, उपेक्षा नहीं

​कांग्रेस प्रभारी शैलजा ने इन चर्चाओं पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि दिल्ली में जिन पांच नेताओं की शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात हुई थी, वह केवल एक ‘फोटो शूट’ था। उन्होंने साफ किया कि यह पार्टी के नए बनाए गए पदाधिकारियों की राहुल गांधी और खड़गे से एक अनौपचारिक मुलाकात थी, इसलिए इसमें हरीश रावत को न बुलाए जाने का कोई सवाल ही नहीं था।​

शैलजा ने जोर देकर कहा कि हरीश रावत कांग्रेस के ‘सिरमौर’ हैं और उनकी उपेक्षा का कोई प्रश्न ही नहीं उठता। उन्होंने कहा कि पार्टी उत्तराखंड में उनके जैसे वरिष्ठ और कद्दावर नेता की उपेक्षा करने के बारे में सपने में भी नहीं सोच सकती।​

मार्गदर्शन की जरूरत:

सुरेंद्र शर्मा​धीरेंद्र प्रताप ने बताया कि इस विषय पर पार्टी के सह-प्रभारी सुरेंद्र शर्मा ने भी अपनी बात रखी है। शर्मा ने कहा कि हरीश रावत पार्टी के शीर्ष नेता हैं और उत्तराखंड कांग्रेस को हमेशा उनके मार्गदर्शन की जरूरत रहेगी। वह पार्टी के राष्ट्रीय नेताओं में से एक हैं।

​प्रवक्ता धीरेंद्र प्रताप ने बताया कि कांग्रेस प्रभारी शैलजा को राज्य के नए पांच पदाधिकारियों को दी गई जिम्मेदारियों से बड़ी आशाएं हैं। उन्हें उम्मीद है कि हरीश रावत और ये पांचों नेता, राज्य के अन्य नेताओं के सहयोग से मिलकर काम करेंगे और कांग्रेस को 2027 के विधानसभा चुनाव में उल्लेखनीय जीत दिलाने में निश्चित ही सफल होंगे।

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