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आईआईटी मंडी के छात्रों ने बनाया विशेष स्टेथोस्कोप, सिर्फ इच्छित धड़कन की आवाज सुनने में करेगा मदद

By हिमांचलनाउ डेस्क नाहन Published: 10 Jan 2025, 2:38 PM | Updated: 10 Jan 2025, 2:38 PM 1 min read

Himachalnow / मंडी

ट्रेनी डॉक्टरों के लिए क्रांतिकारी ऑस्कल मॉडल, लागत कम और उपयोग में आसान

आईआईटी मंडी के छात्रों ने सहायक प्रोफेसर डॉ. गजेंद्र सिंह के नेतृत्व में एक ऐसा अनूठा ऑस्कल मॉडल तैयार किया है जो स्टेथोस्कोप के माध्यम से केवल इच्छित धड़कन की आवाज सुनने में मदद करेगा। यह मॉडल ट्रेनी डॉक्टरों को बीमारियों की पहचान करने और उन्हें बेहतर ढंग से सीखने में क्रांतिकारी सहायता प्रदान करेगा।

एम्स बिलासपुर से मिली तकनीकी मदद:
डॉ. गजेंद्र सिंह ने बताया कि इस मॉडल को बनाने में एम्स बिलासपुर ने अहम भूमिका निभाई। उन्होंने अलग-अलग बीमारियों के धड़कनों की आवाज उपलब्ध कराई, जिन्हें इस मॉडल में इंटीग्रेट किया गया। पारंपरिक स्टेथोस्कोप के मुकाबले यह मॉडल ज्यादा सटीक और प्रशिक्षकों के लिए उपयोगी है।

कम लागत में बेहतरीन तकनीक:
टीम के छात्रों विनम्र, नरेश मीणा, सोनू कुमार मीणा, तरुण रजवाना, और अभिज्ञान द्वारा तैयार इस मॉडल की लागत केवल ₹5000 से ₹10,000 तक है, जबकि बाजार में ऐसे उपकरण लाखों से करोड़ों रुपये तक में उपलब्ध हैं। यह मॉडल फिलहाल एक बेसिक प्रोटोटाइप है, जिसे भविष्य में रिफाइन किया जाएगा। सेल के लिए तैयार होने पर इसकी लागत करीब ₹5000 तक रह सकती है।

यह नवाचार स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि है और इसका उपयोग डॉक्टरों और चिकित्सा संस्थानों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगा।